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हर सम्मान के हकदार हैं महेंद्र सिंह धोनी

दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में महेंद्र सिंह धोनी की गुलाबी नगरी जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में खेली गई वह वनडे पारी आज भी ताजा है

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राजेंद्र शर्मा/जयपुर। दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में महेंद्र सिंह धोनी की गुलाबी नगरी जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में खेली गई वह वनडे पारी आज भी ताजा है, जिसमें उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ नंबर तीन पर उतर कर 145 बॉल पर ताबड़तोड़ 183 रन बनाए थे। दिन था 31 अक्टूबर 2005 का। वह पारी जहां जयपुर के लिए यादगार बनी, वहीं धोनी के लिए सुनहरे भविष्य के द्वार खोलने वाली भी साबित हुई।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धोनी के लिए माइल स्टोन बनी उस पारी के बाद उन्होंने कभी मुड़कर नहीं देखा। उस पारी तक धोनी विकेट कीपर बल्लेबाज के रूप में टीम इंडिया में पक्के तौर पर स्थापित नहीं हो सके थे, कड़ी स्पर्धा थी दिनेश कार्तिक और पार्थिव पटेल के साथ। खैर, इस पारी ने जहां धोनी में नया आत्मविश्वास जगाया, वहीं भारतीय क्रिकेट के कर्ताधर्ताओं में धोनी के प्रति विश्वास।

एक बात और, धोनी ने वह पारी कुमार संगकारा की 138 रन की पारी से मिले 299 रन के लक्ष्य का पीछा करते खेली और भारत को छह विकेट से जीत दिलाई। उन्होंने शायद उस दिन सोचा भी नहीं होगा कि कुमार संगकारा से उनके विकेट कीपर बल्लेबाज के रूप में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा बरसों तक चलेगी। जो चली, लेकिन उसमें भी धोनी उनसे आगे रहे। संयोग देखें, 2011 के विश्व कप फाइनल में भी वही संगकारा, वही श्रीलंका सामने थे और धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने वानखेड़े स्टेडियम में वर्ल्ड कप जीता। उसमें भी जीत दिलाऊ पारी थी धोनी की ही। इससे पहले उनकी कप्तानी में टीम इंडिया 2008 का टी-20 विश्व कप भी जीत चुकी थी।

धोनी ने न सिर्फ टीम इंडिया को अपनी कप्तानी में बुलंदियों पर पहुंचाया, बल्कि दिन-ओ-दिन, साल-दर-साल उनके खेल में भी निखार आता गया। वे बुलंदियों के नए-नए सौपान चढ़ते गए। आगाज़ किया तब शायद उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी कि वे दुनिया के सर्वकालीन सर्वश्रेष्ठ दस विकेट कीपर बल्लेबाजों में शुमार होंगे। जी हां, वे अपने आदर्श ऑसी एडम गिलक्रिस्ट के बाद दूसरे स्थान पर आंके गए हैं।

आंकड़े भी साक्षी हैं। क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में गिलक्रिस्ट जहां 905 शिकार के साथ ही 33 शतकों और 81 अर्धशतकों की मदद से 15 हजार से अधिक रन बनाकर अव्वल हैं, तो धोनी 753 शिकार के साथ 16 सेंचुरी और 100 हाफ सेंचुरी की सहायता से 15 हजार से ज्यादा रन बना चुके हैं। देखिए, यहां भी उनके प्रतिस्पर्धी रहे श्रीलंकाई संगकारा, जो तीसरे स्थान पर हैं, जो 671 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजने के साथ 28 हजार से ज्यादा रन बना चुके हैं। वैसे, संगकारा को आईसीसी ने सर्वकालीन सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में छठा स्थान दिया है।

बहरहाल, गिलक्रिस्ट और संगकार संन्यास ले चुके हैं, जबकि धोनी मैदान पर डटे हैं। जहां तक फिटनेस का सवाल है, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान क्लार्क उन्हें न सिर्फ 2019, बल्कि 2023 के वर्ल्ड कप तक फिट मानते हैं। हाल ही में 17 सितंबर को धोनी ने अपनी फिटनेस का जलवा ऑस्टे्रलिया के खिलाफ चेन्नई में 79 रन की पारी में ही दुनिया को दिखाया है। इस पारी की बदौलत टीम इंडिया ने अॉस्ट्रेलिया को परास्त किया।

बेस्ट फिनिशिर बल्लेबाज तो वे हैं ही, तभी तो जब तक धोनी क्रीज पर होते हैं प्रतिद्वंद्वी टीम की सांसें अटकी ही रहती हैं, चाहे वह कितने भी विकेट ले चुकी हो, या कितना भी बड़ा लक्ष्य दिया हुआ हो। ऐसे में धोनी सही मायने में हकदार हैं, हर उस सम्मान के जो महान क्रिकेटर को मिलता है। तभी तो बीसीसीआई ने उनके नाम की सिफारिश पद्मभूषण सम्मान के लिए की है। उन्हें मिलना भी चाहिए।

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