
जयपुर।
कोरोना काल के दौरान बंद हुए छोटे और मझौले उद्योगों को एक बार फिर से शुरू किए के लिए भारत सरकार का एमएसएमई मंत्रालय लगातार प्रयासरत है। इन बंद उद्योगों को सम्बल देने के लिए जल्द ही सरकार नई योजनाएं लाने पर विचार कर रही है। ये कहना है केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नारायण राणे का। राणे यहां जयपुर के सांगानेर स्थित कुमारप्पा हैंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट का जायज़ा लेने के बाद मीडिया से रु-ब-रु हुए।
'प्रधानमंत्री मोदी से हो रहा सतत संवाद'
दो दिवसीय जयपुर आए केंद्रीय मंत्री राणे ने कहा कि कोरोना काल के दौरान कई छोटे और मझौले उद्योग बंद हुए हैं, जो भारत सरकार के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। यही वजह है कि इन बंद हुए या आर्थिक संकट से जूझ रहे उद्योगों को सम्बल देने और इन्हें फिर से शुरू करने की कवायद चल रही है। उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनका संवाद जारी है। संकटग्रस्त उद्योगों के लिए आने वाले दिनों में सरकार की ओर से कई नई योजनाएं शुरू की जाएंगी।
गोबर से बने पेंट के कई फायदे: राणे
केंद्रीय मंत्री ने गोबर से पेंट बनाने की नई तकनीक की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के पेंट के बाज़ार में आने से ना सिर्फ आमजन बल्कि किसानों को भी फ़ायदा मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि गोबर से पेंट तैयार होने के बाद अब किसानों को गौवंश से दूध के साथ ही उनके गोबर से भी आय प्राप्त हो सकेगी। इस पेण्ट बनाने के काम आने वाली गोबर 5 रुपए प्रति किलो के भाव से किसानों से खरीदी जायेगी, जिससे किसानों को प्रति माह 300 रुपए तक की अतिरिक्त आय हो सकेगी।
मीडिया से बातचीत करने से पहले केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने खादी ग्रामोद्योग से जुड़े कई उत्पादों को लांच भी किया। इस दौरान खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के चेयरमेन विनय कुमार सक्सेना सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
संस्थान का लिया जायज़ा, तकनीक को जाना
सांगानेर स्थित कुमारप्पा हैंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट का ज़ायज़ा लेने के दौरान मंत्री राणे ने गोबर से पेंट बनने और प्लास्टिक मिक्स हैंडमेड पेपर बनने की तकनीक को नज़दीक से देखा और जाना। संस्थान में हो रहे रिसर्च को लेकर भी उन्होंने विशेषज्ञों और अधिकारियों से चर्चा की।
Published on:
26 Nov 2021 02:00 pm
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