
राजस्थान के लोकमान्य संत मुनि रूपचंद महाराज का देवलोकगमन
जयपुर। राजस्थान के लोकमान्य संत रूप मुनि का शुक्रवार देर रात देवलोकगमन हो गया। अहमदाबाद के साल अस्पताल में उपचार के दौरान उन्हाेंने अंतिम सांस ली। उनकी महाप्रयाण यात्रा 19 अगस्त को दोपहर 1 बजे जैन स्थानक जैतारण से प्रारम्भ होगी।
रूप मुनि 36 कौमों पर अपना प्रभाव रखने वाले संत कहे जाते हैं। उनके महाप्रयाण पर उनके भक्तों के साथ संत समाज में भी शोक की लहर है। राजस्थान में कई सामाजिक कार्यों में भी रूप मुनि का योगदान रहा।
जीवन परिचय
नाम: रूपचन्द 'रजत'
अध्ययन: संस्कृत, हिन्दी, प्राकृत, आगम, जिनागम, व्याकरण, न्याय दर्शन, ज्योतिष
साहित्य: वैराग्य, सतक, महाजीवन, संदेश, कविता, श्रीपाल, अरिहंत, चरित्र
विहार: राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, पंजाब
ख्याति: स्पष्ट वक्ता, लोकमान्य सन्त, उपनाम 'रजत मुनि', साहित्यकार, लेखक, कवि, डिंगल-पिंगल की कविताओं पर काफी काम
प्रेरक कार्य: जैतारण में पावन धाम, सोजत में अस्पताल, बैंगलोर में अस्पताल, बिलाड़ा में चिकित्सालय, पुष्कर में गौशाला, नाडोल में सार्वजनिक धर्मशाला, पाली में चिकित्सालय, विभिन्न संस्थाओं का संचालन
Updated on:
18 Aug 2018 10:15 am
Published on:
18 Aug 2018 08:06 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
