
जयपुर . स्वच्छता को पटरी पर लाने पर फिर नगर निगम अफसर व जनप्रतिनिधियों की नींद एक बार वापस खुली है। निगम आयुक्त से लेकर महापौर तक मंगलवार को स्वच्छता को लेकर बैठक लेते रहे। यह बैठक देर रात तक चली बैठक के दौरान सभी अफसरों को दो टूक कह दिया गया कि स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान जिस तरह शहर स्वच्छ नजर आया था, वही स्थिति फिर से लानी होगी। इसके लिए उपायुक्त सहित अन्य अधिकारियों को सुबह और शाम को फील्ड में रहना होगा। साथ ही साथ पॉलीथीन का उपयोग रोकने के लिए फिर से अभियान शुरू किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दे दी गई है।
बीवीजी कंपनी को लगाई फटकार
सड़कों पर फिर से कचरे के ढेर लगने के पीछे बीवीजी कंपनी को जिम्मेदार माना है। कंपनी ने घर—घर कचरा संग्रहण के लिए निर्धारित संख्या में लगे वाहनों को हटा दिया, जिसके कारण स्वच्छता व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। कई इलाकों में 4 से 5 दिन में हूपर नहीं आ रहे। महापौर व आयुक्त ने कहा कि कॉलोनी में एक भी जगह ऐसी नहीं छूटे, जहां से कचरा नहीं लिया गया हो।
7 घंटे उद्घोषणा
सभी जोन में एक—एक टीम शाम 4 बजे निकलेगी। यह टीम जोन एरिया में लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को गंदगी नहीं फैलाने और स्वच्छता रखने के लिए सचेत करेगी। अगर कहीं भी गंदगी फैलाने की स्थिति मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ये समस्याएं
- डंपिंग जोन फिर से बन गए
- लोग खुले में शौच जाने लगे
- घरों मेें हूपर नहीं आ रहे
- चालान कटना बंद हो गए
- निगम ने मॉनिटरिंग बंद दी
पॉलीथिन जब्ती फिर
उपायुक्त को सुबह 8.30 से 10.30 और शाम 5 से 7 बजे तक फील्ड में रहना होगा। इस दौरान फोकस पूरी तरह स्वच्छता पर रहेगा। पॉलीथीन उपयोग को पूरी तरह रोकने के लिए जब्ती की कार्रवाई करने का लक्ष्य तय किया जाएगा।
Updated on:
04 Apr 2018 12:42 pm
Published on:
04 Apr 2018 12:16 pm
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