
जयपुर। दिल्ली के श्रद्धा हत्याकांड की तर्ज पर शहर में हत्या का एक मामला सामने आया है। किशोरी की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसके प्रेमी और बड़े भाई ऩे डंडा मार-मार कर दोनों हाथ पांव तोड़ दिए। इसके बाद बाइक पर शव को कंबल में लपेट कर कानोता बांध लेकर पहुंच गए, जहां शव फेंक दिया।
दो दिन तक किशोरी की लाश पानी में डूबी रही। शव फूलने के बाद पानी के ऊपर आ गया। इस दौरान परिजनों ने किशोरी की गुमशुदगी थाने में दर्ज करवा दी। जांच के दौरान किशोरी की पहचान हुई और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
थानाधिकारी प्रताप नगर मानवेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी पीलवा रोड चंदवाजी निवासी कमल धोबी (20) और उसका सगा भाई रवि धोबी (23) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी कमल 17 जनवरी को भैंरू सर्कल से 16 वर्षीय किशोरी को द्वारकापुरी स्थित कमरे में ले गया।
इस दौरान आरोपी ने बताया कि परिजनों ने उसका विवाह कहीं और तय कर दिया है। इसको लेकर आरोपी व किशोरी में बहस हो गई। कमल ने पहले किशोरी का मुंह दबा कर हत्या का प्रयास किया। सफल नहीं होने पर उसने दुपट्टे से उसका गला दबा कर हत्या कर दी।
उसके बाद वह शव कमरे में छोड़कर अलवर भाग गया। अगले दिन कमल ने घटना के बारे में रवि को बताया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची। दोनों ने मिलकर डंडे मार-मार कर दोनों हाथ-पैर तोड़ दिए। उसके बाद शव को कंबल में लपेटकर कानोता की ओर निकल गए। आरोपियों को पकड़ने के लिए कांस्टेबल शंकर व बजरंग लाल ने दोनों को तकनीकी आधार पर डिटेन किया।
फोन बंद कर कैफे में नौकरी कर रहा था
किशोरी का शव बांध में फेंकने के बाद आरोपी कमल अलवर के नीमराणा चला गया। पुलिस आरोपी के रिश्तेदारों व अन्य जानकारों के ठिकानों पर दबिश दे रही थी। जिसके बाद आरोपी जयपुर आकर फोन स्विच ऑफ कर मानसरोवर स्थित कैफे में काम करने लगा।
शुक्रवार को हैड कांस्टेबल हरदयाल कसाना को आरोपी कमल के मानसरोवर में होने की सूचना मिली। इस पर पुलिस ने आरोपी कमल को कैफे में पकड़ लिया। पूछताछ के बाद रवि को जयसिंपुरा खोर से पकड़ा। अनुसंधान के बाद रविवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
ढाई घंटे में ठिकाने लगाया शव
आरोपी कमल व रवि 18 जनवरी की रात करीब 9 बजे शव ले जाने वाले थे। लेकिन शव के अकड़ जाने से उसके हाथ व पैर बाइक पर लटक रहे थे। ऐसे में दोनों शव को फिर से कमरे में ले गए और डंडे मार-मार कर हाथ-पैर तोड़ दिए। इसके बाद बाइक पर शव को कंबल में लपेट कर रस्सी से बांध कर ले गए। घटना स्थल से 24 किलोमीटर दूर कानोता बांध में शव को फेंक दिया। शव को ठिकाने लगाने में ढाई घंटे का समय लगा।
पूछा तो बोले वेल्डिंग की मशीन है
शव को आपार्टमेंट से निकालते समय पास के फ्लैट में रहने वाले व्यक्ति ने कमल और रवि से पूछा कि क्या ले जा रहे हो तो दोनों कहा कि वेल्डिंग की मशीन लेकर जा रहे है।
Published on:
20 Feb 2023 10:38 am
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