प्रदेश के रेल नेटवर्क को कैसे विस्तार मिले। इस पर भी काम करेंगे। उन्होंने वसुंधरा राजे से नारागजी के सवाल पर कहा कि पार्टी में वापसी के बाद उनकी किसी से कोई नाराजगी नहीं रही है। दूसरे नेताओं में यदि कोई नाराजगी होगी तो मैं उन सबके बीच समन्वय का काम करूंगा और उनके बीच की कड़वाहट को दूर करवाने का प्रयास करूंगा। तिवाड़ी ने पत्रिका से विशेष बातचीत में कई मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी और प्रदेश हित में काम करने के लिए प्रयास करने की बात कही।
तिवाड़ी से बातचीत के प्रमुख अंश
- पहली बार राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं, क्या सोचते हैं?
- राज्यसभा एक उच्च सदन है। कई देशों में इसके अलग-अलग नाम है। हमारे यहां राज्यसभा नाम इसलिए दिया गया, जिससे इन सदन में विभिन्न राज्यों के लोग सीधे चुनकर आ सकें। पहले प्रावधान था कि जिस राज्य की सीट है, उस राज्य का ही व्यक्ति चुनकर आएगा। बाद में इसमें संशोधन कर दिया गया। मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि राज्य हित के मुद्दे इस उच्च सदन मेे उठाऊं।
- आप विधायक रहे, मंत्री रहे। जनता ने आपको चुना,लेकिन इस बार विधायकों ने आपको चुनाव। कैसा अनुभव रहा?
- ये मेरे लिए बहुत ही शानदार अनुभव रहा। हर चुनाव में मैं मेहनत करता रहा। इस चुनाव में विधायक, पार्टी के नेताओं ने मेहनत की। मुझे कोई मेहनत नहीं करनी पड़ी। पार्टी ने ही टिकट दिया और पार्टी ने ही चुनाव लड़वाया।
- राज्यसभा सांसदों पर आरोप लगते रह हैं कि फार्म भरने से पहले वादे करते हैं, फिर आते तक नहीं?
- मेरा यह सौभाग्य रहा है कि विद्यार्थी परिषद , जन संघ से लेकर आज तक राजस्थान मेे घूमता रहा हूं। मेरा लोगों से सीधा परिचय और जनसम्पर्क है। राज्यसभा जाने के बाद भी यह तय किया है कि पूरे राजस्थान का अधिक से अधिक दौरा करूं और जो आरोप लगते हैं, वो ना लगें।
- आप राज्यसभा में राजस्थान से जुड़े कौनसे मुद्दे उठाना चाहते हैं ?
- राज्यसभा में मुद्दे उठाने का सीधा आधार नहीं होता। लोकसभा-विधानसभा में तात्कालिक मुद्दे उठाने का प्रावधान है। ऐसा राज्यसभा में नहीं होता। वहां बिलों और बजट की चर्चा के समय प्रदेश से जुड़े मुद्दे उठा सकते हैं। प्रदेश में इस समय सबसे बड़ा मुद्दा ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट का है। मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिले। सोलर एनर्जी की तरफ सरकार का ध्यान दिलाऊंगा। प्रदेश का रेल नेटवर्क अन्य राज्यों के मुकाबले बेहद कमजोर है, उस पर काम करूंगा। भूगर्भ जल गिर रहा है, उसे ऊपर लाने और अंतरराज्यीय मुद्दों का हल कैसे निकले। इस पर भी काम करूंगा।
- तत्कालीन भाजपा सरकार के समय वसुंधरा राजे से कई मुद्दों पर असहमति रही, पार्टी छोड़ी। वापस भी आ गए, क्या नारागजी बरकरार है?
- जिस दिन पार्टी में वापस आया था। उसी दिन कह दिया था पुरानी बातें सब भूल गया। यहां मेरा अब किसी से कोई विवाद नहीं हैं। हां इतना जरूर है कि यदि दूसरे नेताओं के बीच में विवाद होगा तो मैं उसे निपटाने का प्रयास करूंगा। पार्टी नेताओं में समन्वय स्थापित कराने का काम करूंगा। 2023-2024 के चुनाव में भाजपा जीते। इसके लिए काम करूंगा।
- राजस्थानी भाषा को मान्यता देने का मुद्दा हमेशा उठता है, उसे लेकर क्या करेंगे?
- संविधान की आठवीं सूची में विभिन्न राज्यों की भाषाओं को शामिल किया गया है। राजस्थान भाषा को भी आठवीं अनुसूची में डालने का प्रस्ताव विधानसभा में पास किया था, लेकिन कई हिस्सों में इसका विरोध हुआ। बाद में विधानसभा में तय किया गया कि कोई इसका विरोध नहीं करेगा। राजस्थानी भाष में जितना बड़ा साहित्य है और जितनी बड़ी बातें हैं। कहावतों का बड़ा संग्रह है। उतना अन्य में कम ही दिखता है। इसलिए मेरी मान्यता है कि राजस्थानी भाषा का मान्यता मिले। ये कैसे मिलेगी। इस पर काम करूंगा।
- पीएम नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, जे पी नड्डा सहित अन्य नेताओं से बात हुई?
- मेरी उनसे बात हो गई है, दिलली जाकर उनसे मिलेूगा। उन्होंने मुझ पर उपकार किया है और मैं उनका ऋणी रहूंगा।