
नाग पंचमी मनाई, भोले नाथ का किया ऐसा श्रृंगार
जयपुर। गलता पहाड़ी (Galta) स्थित श्रीनिवास के बालाजी (Shreeniwas ke balaji) में श्याम डूंगरी (shyam dungri) पर शुक्रवार को नाग पंचमी पर भोले नाथ का चंदन और फूलों से मनमोहक शृंगार किया गया। राजेश शर्मा ने बताया कि सावन में रोज भोले बाबा का शृंगार कर उन्हें भोग लगाया जा रहा है। इसी के तहत नाग पंचमी पर चंदन, गुलाब, मोगरा, गेंदा आदि फूलों से शिवशंकरजी का शृंगार किया। इसके बाद प्रभु को ठंडाई का भोग लगाया गया।
जयपुर सहित प्रदेश में शुक्रवार को नाग पंचमी मनाई गई। नाग पंचमी पर्व को लेकर पंचांग निर्माताओं ने अब निर्णय किया कि यह लोक पर्व है और लोकपर्व को प्रदेश में अपने—अपने क्षेत्र की मान्यता के अनुसार ही मनाते आए हैं। राजस्थान में वर्षों से नाग पंचमी का त्योहार श्रावण कृष्ण पंचमी को ही मनाया जाता रहा है। ऐसे में इस बार भी श्रावण कृष्ण पंचमी पर शुक्रवार को ही नाग पंचमी पर्व मनाई गई।
जय विनोदी पंचांग के ज्योतिषाचार्य आदित्य मोहन शर्मा का कहना है कि राजस्थान में परपंरानुसार नाग पंचमी श्रावण कृष्ण पक्ष की पंचमी को ही मनाई जाती रही है। पं. बंशीधर ज्योतिष पंचांग के ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा का कहना है कि प्रदेश में नाग पंचमी को लोक पर्व की मान्यता है और यह पर्व श्रावण कृष्ण पंचमी को मनाते आ रहे हैं। सम्राट पंचांग के ज्योतिषाचार्य डॉ. रवि शर्मा ने भी कहा कि पंचांगकर्ताओं ने एकमत होकर यह निर्णय किया।
यह है मामला
श्रावण मास में आने वाले नाग पंचमी पर्व को लेकर दो राय सामने आई। पंचांग निर्माताओं ने राजस्थान में 10 जुलाई और 25 जुलाई को नाग पंचमी पर्व बताया है। बाद में पंचांग निर्माताओं ने एक राय कर निर्णय लिया है कि यह नाग पंचमी लोक पर्व है और यह परंपरानुसार ही मनाया जाता रहा है।
Published on:
10 Jul 2020 08:22 pm
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