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Nagpanchami 2023 : चार वर्ष बाद सावन के सोमवार पर नागपंचमी का दुर्लभ संयोग, पूरी होगी मनौती

Nagpanchami - Sawan ka Somwar : आज नागपंचमी हैं। साथ ही सावन का सोमवार भी। ज्योतिष के अनुसार नागपंचमी और सावन के सोमवार का एक ही दिन होना दुर्लभ संयोग है। आज के दिन जो व्यक्ति श्रद्धापूर्वक भगवान की आराधना करेगा, कहा जाता है कि उसकी सभी मनौतियां पूरी होंगी।

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Nagpanchami - Sawan ka Somwar

Nagpanchami : सिंह संक्रांति और शिवयोग में शुरू हुए सावन के दूसरे माह में इस सोमवार को नाग पंचमी मनाई जाएगी। श्रद्धालु भगवान शिव के साथ ही उनके गण नाग देवता की भी पूजा करेंगे। ऐसे में भक्तों को पूजा का दुगुना फल मिलेगा। वहीं, सावन के सातवें सोमवार पर व्रत रखा जाएगा। महिलाएं पार्क-उद्यानों में वन सोमवार मनाएंगी। साथ ही शिवालयों में भी विभिन्न झांकियां सजाई जाएंगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार कालसर्प दोष के निवारण की पूजा कराने वाले जातकों के लिए यह पंचमी श्रेष्ठ रहेगी।



चित्रा नक्षत्र और शुभ योग में मनाई जाएगी नाग पंचमी

ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि नाग पंचमी रविवार रात 12.23 बजे से सोमवार रात 2.01 बजे तक रहेगी। सावन मास के शुक्ल पक्ष में सोमवार को चित्रा नक्षत्र और शुभ योग में नाग पंचमी मनाई जाएगी।

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3 वर्ष बाद बनेगा नया संयोग

पंडित दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि 4 साल पहले वर्ष 2019 में सावन के सोमवार को नाग पंचमी थी। अब अगली बार यह संयोग वर्ष 2026 में आएगा। तब चित्रा नक्षत्र और शुभ योग में ही नाग पंचमी मनाई जाएगी।

गलता रोड और नाहरगढ़ सहित कई जगहों पर होगी पूजा

नाग पंचमी पर कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए वासुकि, महापद्म, तक्षक, कर्कट, कालिया और पिंगल नामक नागों की पूजा की जाएगी। गलता रोड, नाहरगढ़ सहित अन्य जगहों पर नाग को दूध पिलाने के बाद पूजन किया जाएगा।

मुख्य दरवाजे के दोनों तरफ नाग की आकृति बनाकर घी-दूध-जल से करें तर्पण

ज्योतिषाचार्य पं. राजेंद्र शर्मा ने बताया कि घर के मुख्य दरवाजे के दोनों तरफ नाग की आकृति बनाकर घी-दूध और जल से तर्पण करें। पूजा-अर्चना कर भोग लगाएं। इससे काल सर्प दोष से मुक्ति मिलती है।

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