
जयपुर। नाहरगढ़ जैविक उद्यान की बाघिन रानी के पांचों शावकों को जन्म के बाद पिंजरे से बाहर निकालकर कराल क्षेत्र में छोड़ा गया। यहां वे मां के साथ प्राकृतिक वातावरण में घूमते नजर आए। पांचों शावकों खुले आसमां के नीचे पहली बार लाए गए हैं। जिसमें वे आराम से खेलते कूदते नजर आए।
वन विभाग का दावा है कि यह देश का पहला मौका है जब किसी चिड़ियाघर में बाघिन ने एक साथ पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इनमें एक सफेद शावक है। पांच शावकों में तीन नर और दो मादा हैं। पांचों शावक पूरी तरह से स्वस्थ है।
वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अरविंद माथुर ने बताया कि शावकों को अब नियमित रूप से कराल में मां के साथ छोड़ा जाएगा ताकि उन्हें प्राकृतिक माहौल का अनुभव हो सके। मिट्टी में खेलने-कूदने से उनकी ग्रोथ और प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होगी।
बाघिन रानी को ओडिशा से लाया गया था। यह आठ साल के लगभग उम्र की है। यह उसका दूसरा प्रसव है। शावकों को इस समय चिकन और चिकन सूप दिया जा रहा है ताकि उन्हें पोषण भी मिल सके।
वन विभाग की ओर से अभी शावकों के टीकाकरण भी किया गया है। अगले महीने इन्हें बूस्टर डोज दी जाएगी। चार महीने पूरे होने पर उन्हें डिस्प्ले एरिया में छोडा जाएगा, जहां सैलानी उनका दीदार कर सकेंगे।
Published on:
01 Jul 2025 04:42 pm
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