
Nahargarh Biological Park : जयपुर। वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशखबर है। टाइगर सफारी की पहली मेहमान बाघिन भक्ति गुरुवार सुबह जयपुर पहुंच जाएगी। वन विभाग की टीम उसेे लेकर पुणे से मंगलवार सुबह रवाना हो गई है। उसे यहां नाहरगढ़ जैविक उद्यान में रखा जाएगा। जहां सफारी में उसकी दहाड़ सुनाई देगी।
दरअसल, नाहरगढ़ जैविक उद्यान में लॉयन सफारी की तरह टाइगर सफारी शुरू होगी। इसका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस बीच वन विभाग ने सफारी के लिए एक्सचेंज कार्यक्रम के बाघ-बाघिन लाना शुरू कर दिया है। गुरुवार को पुणे के राजीव गांधी जूलॉजिकल नेशनल पार्क से बाघिन भक्ति को जयपुर लाया जा रहा है।
उसे लेने के लिए दो मार्च को नाहरगढ़ जैविक उद्यान से वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अरविंद माथुर के नेतृत्व में टीम रवाना हुई थी। वो सोमवार को वहां पहुंची थी। जैविक उद्यान से बाघिन के बदले में तीन भेड़िए और एक मादा जरख भेजे गए थे। इस संबंध में डीएफओ जगदीश गुप्ता ने बताया कि टीम बुधवार को सुबह आठ बजे 7 वर्षीय बाघिन को लेकर रवाना हो गई है। करीब 1400 किलोमीटर की दूरी 48 घंटे में तय कर उसे गुरुवार सुबह तक टीम लेकर पहुंचेगी।
वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक माथुर ने बताया कि बाघिन को नाहरगढ़ जैविक उद्यान में लाते ही 21 दिन के लिए क्वारंटीन रखा जाएगा। यह पीरियड पूरा होने के बाद उसे बाघ-बाघिन के पिंजरे में रखा जाएगा। बताया जा रहा है कि सैलानी इसका दीदार सफारी के दौरान ही कर पाएंगे। क्योंकि इसे संभवत: डिस्प्ले एरिया में नहीं रखा जाएगा।
वन अधिकारियों का कहना है कि सफारी के लिए महाराष्ट्र के नागपुर से भी एक बाघ-बाघिन का जोड़ा लाया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही वहां से हरी झंडी मिलेगी। यहां से टीम रवाना कर दी जाएगी।
Published on:
06 Mar 2024 11:41 am
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