
उमेश शर्मा/जयपुर। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) में परिवारवाद हावी नजर आया है। पार्टी ने सांसद हनुमान बेनीवाल के छोटे भाई नारायण बेनीवाल को खींवसर से प्रत्याशी घोषित किया है। सांसद हनुमान बेनीवाल ने नई दिल्ली में अपने छोटे भाई नारायण बेनीवाल को पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया। नारायण वर्तमान में खींवसर की क्रय—विक्रय सहकारी समिति के अध्यक्ष हैं।
हनुमान बेनीवाल के सांसद बनने के बाद से नारायण क्षेत्र में सक्रिय हो गए थे। यही नहीं उप चुनावों की घोषणा के बाद से नारायण को बधाईयां मिलना भी शुरू हो गई थी। रालोपा से कनिका बेनीवाल का भी नाम चल रहा था, लेकिन नारायण बेनीवाल को प्रत्याशी बनाया गया है। भाजपा ने गुरुवार को ही उप चुनावों के लिए रालोपा से गठबंधन किया था और खींवसर सीट रालोपा के लिए छोड़ी थी।
अब कांग्रेस प्रत्याशी का इंतजार
कांग्रेस ने अभी खींवसर से प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। मगर दिग्गज नेता हरेंद्र मिर्धा ने यहां से प्रचार शुरू कर दिया है। यही नहीं उनके दफ्तर से जारी विज्ञप्ति में उन्हें उप चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी बताया गया है। उधर 2018 के विधानसभा चुनावों में हारे सवाई सिंह भी यहां से टिकट की दौड़ में हैं।
तीन बार से बेनीवाल विधायक
हनुमान बेनीवाल लगातार तीन बार से खींवसर सीट से विधायक चुने गए। इस साल हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने नागौर सीट हनुमान बेनीवाल के लिए छोड़ी थी और इस सीट से बेनीवाल सांसद बने। कांग्रेस लगातार तीन बार से यहां हार रही है। यही वजह रही कि बेनीवाल के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए भाजपा ने रालोपा से गठबंधन करते हुए इस सीट से कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया।
30 को करेंगे नामांकन दाखिल
नारायण 30 सितंबर को नामांकन दाखिल करेंगे। आरएलपी के साथ भाजपा के बड़े कार्यकर्ता भी नामांकन में शामिल होंगे।
Published on:
27 Sept 2019 04:01 pm
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