
file photo Narsingh jayanti jaipur
जयपुर। लॉकडाउन के चलते छोटी काशी में नरसिंह जयंती पर पहली बार नृसिंह भगवान खंभा फाड प्रकट नहीं होंगे। ताड़केश्वर मंदिर में 219 साल पुरानी परंपरा का निर्वाहन नहीं किया जा रहा है। हर वर्ष आज के दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती थी। लेकिन इस बार सब खाली है। छोटी काशी के विष्णु मंदिरों में नृसिंह लीलाओं का आयोजन नहीं हो रहा है। सभी जगहों पर आयोजन मंदिरों तक ही सीमित रहेंगे। इसमें श्रद्धालु शामिल नहीं हो सकेंगे। मंदिरों में केवल भगवान का अभिषेक, शृंगार और आरती होगी। सभी कार्यक्रम सुक्ष्म रूप में मनाए जा रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पं राजकुमार चतुर्वेदी के अनुसार इस बार नृसिंह जयंती बुधवार चित्रा नक्षत्र सिद्धि योग सूर्य बुध आदित्य योग स्वराशि के शुक्र में मनाई जा रही है। नरसिंह भगवान शक्ति पूजन का पर्व है इसके पूजन व व्रत सहित सभी मनोकामना पूरी होती है। ऐसी मान्यता है कि वैशाख शुक्ल पक्ष चतुर्दशी को भगवान विष्णु ने अपने भक्तों की रक्षा के लिए नरसिंह अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया था।
ताड़केश्वर नवयुवक मंडल के अध्यक्ष विश्रांत व्यास व मंदिर महंत सत्यनारायण व्यास ने बताया कि संध्या के समय वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान का दूध, पंचगव्य, फलों के रस, औषधीयुक्त जल से अभिषेक होगा। इसके बाद नृसिंह भगवान के स्वरूप को चौकी पर विराजमान कर पूजा और आरती की जाएगी। गुरुवार शाम वराह अवतार जयंती मनाई जाएगी। महंत परिवार की ओर से कोरोना रूपी महामारी से मुक्ति और लोगों के उन्नत स्वास्थ्य के लिए भगवान वराह से प्रार्थना करेंगे।
गोनेर स्थित श्री लक्ष्मी जगदीश मंदिर में महंत हनुमंतदास के सान्निध्य में नृसिंह जयंती भक्तिभाव से मनाई जाएगी। शाम को मंदिर में सूक्ष्म सांकेतिक रूप से कार्यक्रम होंगे। लॉकडाउन के चलते जगदीश चौक में होने वाली नृसिंह लीला इस बार स्थगित कर दी है। प्रवक्ता सुरेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि शाम को नृसिंह भगवान के स्वरूप बना कर पूजा की जाएगी इसके बाद मंदिर में ही परंपरागत रूप से आरती होगी, लेकिन इसमें श्रद्धालु शामिल नहीं हो सकेंगे।
बंशीवाले बाबा की बगीची, बगरूवालों का रास्ता स्थित मंदिर में सादगीपूर्वक नृसिंह जयंती मनाई जा रही है। मंदिर के महंत अवधेशदास महाराज के सान्निध्य में सुबह दूध, तीर्थ जल, फलों के रस और पंचगव्य से नृसिंह भगवान के विग्रह का अभिषेक किया गया। दोपहर में सूक्ष्म रूप में बधाई गान, हरिनाम संकीर्तन होगा। शाम को भगवान के स्वरूप की सांकेतिक रूप से पूजा की जाएगी। कोरोना वायरस के कारण इस बार नृसिंह लीला व मंदिर के पाटोत्सव का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। मंदिर में बहारी लोगों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। खजाने वालों का रास्ता स्थित नृसिंह मन्दिर में नृसिंह को नृसिंह जयंती सादगी के साथ मनाई जा रही है।
Updated on:
06 May 2020 06:24 pm
Published on:
06 May 2020 05:58 pm
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