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Natak- किसी पर जल्द विश्वास नहीं करने का संदेश

कल्चरल सोसायटी ऑफ राजस्थान की ओर से रविंद्र मंच के मुख्य सभागार में प्रसिद्ध लेखक जयवर्धन लिखित नाटक 'माया राम की माया' का मंचन किया गया। लोक कथा पर आधारित नाटक में 25 से अधिक नवोदित कलाकारों ने भाग लिया

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Jun 14, 2022

Natak- किसी पर जल्द विश्वास नहीं करने का संदेश

Natak- किसी पर जल्द विश्वास नहीं करने का संदेश

रवींद्र मंच पर 'मायाराम की माया' का मंचन
किसी पर जल्द विश्वास नहीं करने का संदेश
जयपुर।
कल्चरल सोसायटी ऑफ राजस्थान की ओर से रविंद्र मंच के मुख्य सभागार में प्रसिद्ध लेखक जयवर्धन लिखित नाटक 'माया राम की माया' का मंचन किया गया। लोक कथा पर आधारित नाटक में 25 से अधिक नवोदित कलाकारों ने भाग लिया। नाटक का संगीत मुकेश वर्मा ने तैयार किया और परिकल्पना व निर्देशन हिमांशु झाकल ने की। हास्य से परिपूर्ण नाटक ने दर्शकों को खूब हंसाया और गुदगुदाया। साथ ही लोक संगीत, नृत्य और ध्वनि प्रभाव के मिश्रण ने अंत तक दर्शकों को बांधे रखा। मायाराम की माया नाटक का केंद्र बिंदु मनुष्य रहा। नाटक में बताया गया कि मनुष्य संसार में जन्म देने वाले ईश्वर की कृतज्ञता को भूल जाता है। बह्मा और अन्य देव स्वर्ग लोक में चर्चा कर रहे हैं कि क्या इस पृथ्वी लोक का सबसे सीधा जीव मनुष्य है? इस बात को प्रमाणित करने के लिए पृथ्वी लोक से मायाराम नाम के व्यक्ति को जीवित ही ब्रह्मलोक में लाया जाता है। मायाराम मीरपुर गांव का चालाक व्यक्ति है, जिससे पूरा गांव त्रस्त है। एकमात्र गोदान के पुण्य से वो एक दिन के लिए स्वर्ग लाया जाता है, लेकिन जब आगे उसे नरक भेजने की तैयारी का पता चलता है तो वो ब्रह्मा से ऐसी चालाकी कर बैठता है जिससे बह्मा क्रुद्ध होकर मनुष्य का अंत करने का निर्णय लेते हैं। फिर नारद मुनि के अनुनय विनय पर सृष्टि को पूर्ववत चलने के लिए छोड़ देते हैं। हास्य व्यंग्य से सजे इस नाटक ने अंत में ये संदेश दिया कि हमें जल्दी ही किसी पर भी विश्वास नहीं करना चाहिए। नाटक में मायाराम की मुख्य भूमिका गौरव गौतम ने निभाई। इनके अलावा अजय निषाद, भूमिका जुबेर जई, विशाल बैरवा, सुमुख महर्षि, कमलेश सायर, हिमांशु वर्मा, केशव सिंह, पीयूष शर्मा, अजीत कुमार माथुर, बृजमोहन जांगिड़, लक्ष्य मखीजा, यश शर्मा, रवीना जैन ने विभिन्न भूमिकाएं निभाई। नाटक की वेशभूषा रति महर्षि ने की, प्रकाश परिकल्पना शहज़ोर अली ने की और ढोलक पर संगत यश शर्मा ने दी।