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Spice fair: चूक मत जाना, केरल से कश्मीर तक स्वाद का संगम, जयपुर में यहां लगा है मसालों का महाकुंभ

Indian Spices: इन उत्पादों से जहां किसानों को बेहतर बाजार मिल रहा है, वहीं उपभोक्ताओं को मिलावट रहित सामान उचित दाम पर मिल रहा है। केरल से कश्मीर तक के खास मसाले और उत्पाद इस मेले को खास बना रहे हैं, जो 26 अप्रैल तक चलेगा।
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जयपुर

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Rajesh Dixit

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Updated: 18 Apr 2026, 11:13 AM IST

Organic Spices: जयपुर में ‘राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2026’ की शुरुआत के साथ ही शहर में देशभर के स्वाद और सुगंध का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। जवाहर कला केन्द्र में आयोजित इस मेले में करीब 150 स्टॉल्स पर शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण मसाले, क्षेत्रीय उत्पाद और पारंपरिक खाद्य सामग्री उपलब्ध हैं। सहकारी संस्थाओं द्वारा तैयार इन उत्पादों से जहां किसानों को बेहतर बाजार मिल रहा है, वहीं उपभोक्ताओं को मिलावट रहित सामान उचित दाम पर मिल रहा है। केरल से कश्मीर तक के खास मसाले और उत्पाद इस मेले को खास बना रहे हैं, जो 26 अप्रैल तक चलेगा।

जयपुर में ‘राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2026’ का आगाज़, 150 स्टॉल्स पर मिलेंगे देशभर के शुद्ध मसाले। सहकारिता मंत्री ने किया मसाला मेले का शुभारम्भ, 26 अप्रैल तक जवाहर कला केन्द्र में चलेगा आयोजन।

सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने शुक्रवार को जवाहर कला केन्द्र के दक्षिण परिसर में ‘राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला-2026’ का विधिवत शुभारम्भ किया। इस अवसर पर शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा भी उपस्थित रहे। दीप प्रज्ज्वलन और फीता काटकर मेले का उद्घाटन करते हुए मंत्री ने कहा कि यह मेला सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के साथ किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संबंध स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बन चुका है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 से सहकारिता विभाग एवं राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ (कॉनफेड) द्वारा आयोजित यह मेला अब अपनी एक विशिष्ट पहचान बना चुका है। यहां सहकारी संस्थाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को सशक्त मंच मिलता है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होता है। मंत्री ने कहा कि सहकारिता का मूल मंत्र ‘एक सबके लिए, सब एक के लिए’ ऐसे आयोजनों के माध्यम से साकार होता है।

इस वर्ष मेला 17 से 26 अप्रैल तक

इस वर्ष मेला 17 से 26 अप्रैल तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें लगभग 150 स्टॉल्स लगाए गए हैं। मेले में राजस्थान सहित केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कश्मीर, पंजाब और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों की सहकारी संस्थाएं अपने उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय कर रही हैं। यहां उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाले साबुत और पिसे मसाले उचित दरों पर उपलब्ध हो रहे हैं।

नाथद्वारा की ठंडाई, भुसावर का अचार, राजसमंद का शर्बत और बीकानेर के पापड़

मेले के प्रमुख आकर्षणों में केरल की काली मिर्च और लौंग, इरोड की हल्दी और दालचीनी, कश्मीर की केसर और ड्राई फ्रूट्स, नागौर का जीरा, मथानिया की लाल मिर्च, जालोर की ईसबगोल, सिरोही की सौंफ, प्रतापगढ़ की हींग और पुष्कर का गुलकंद शामिल हैं। इसके अलावा, नाथद्वारा की ठंडाई, भुसावर का अचार, राजसमंद का शर्बत और बीकानेर के पापड़ भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।

मंत्री ने बताया कि मेले की सफलता को देखते हुए पहली बार संभाग स्तर पर भी सहकार मेलों का आयोजन किया गया है और अब इन्हें जिला स्तर तक विस्तारित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल सहकारी संस्थाओं के लिए बल्कि आमजन के लिए भी लाभकारी है, क्योंकि यहां मिलावट रहित उत्पाद उचित मूल्य पर उपलब्ध होते हैं।

मेले में आगंतुकों के लिए प्रतिदिन लकी ड्रॉ तथा समापन पर मेगा बम्पर ड्रॉ का आयोजन भी किया जाएगा। साथ ही, हर दिन विभिन्न संभागों के लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जो इस आयोजन को और भी आकर्षक बनाती हैं।

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