
नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुईं। सोनिया जेड प्लस सुरक्षा के साथ दोपहर बाद सेंट्रल दिल्ली स्थिति ईडी के कार्यालय पहुंचीं। वहां उनसे ईडी अधिकारियों ने 3 घंटे पूछताछ की। सोनिया को दूसरे दौर की पूछताछ के लिए 25 जुलाई को फिर बुलाया गया है। सोनिया को ईडी कार्यालय बुलाकर पूछताछ करने के विरोध में कांग्रेस ने संसद से लेकर सड़क तक प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने गिरफ्तारियां भी दी। युवा कांग्रेस ने कई जगह पर रेलमार्ग को रोक दिया। प्रदेश मुख्यालयों पर ईडी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। इससे पहले, कोरोना संक्रमित होने से वह ईडी के समक्ष उपस्थित नहीं हो सकी थीं।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के ईडी दफ्तर जाने से पहले कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता 24 अकबर रोड पर जुटे। दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग कर कार्यकर्ताओं को मुख्यालय में जाने से रोक दिया। चुनिंदा वरिष्ठ नेताओं को ही मुख्यालय जाने दिया। सोनिया के जाने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने ईडी कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की। पुलिस ने धारा 144 के उल्लंघन करने पर सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया। इसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन चौधरी, केसी वेणुगोपाल, राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट शामिल थे।
विपक्षी दलों का संयुक्त विरोध:
कांग्रेस, एनसीपी, समाजवादी पार्टी, शिवसेना, टीआरएस समेत 13 दलों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि केन्द्र सरकार विपक्षी नेताओं को निशाने पर लेकर सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। इस मुद्दे पर संसद परिसर में प्रदर्शन भी किया गया।
Published on:
21 Jul 2022 12:51 pm
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