21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘National Sanskrit Film Festival’ – कालिदास हैं विश्व के सबसे रोमांटिक लेखक – दुश्यंत

राजस्थान संस्कृत अकादमी की ओर से आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित किए जा रहे अखिल भारतीय माघ महोत्सव के तहत जयपुर के रविवार को रिफ फिल्म क्लब के सहयोग से दो दिवसीय 'राष्ट्रीय संस्कृत फिल्म फेस्टिवल' में संस्कृत के श्रृंगार पक्ष को दिखाती फिल्म 'शाकुंतलम' ने उपस्थित दर्शकों का दिल जीत लिया।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Rakhi Hajela

Feb 19, 2023

'National Sanskrit Film Festival' - कालिदास हैं विश्व के सबसे रोमांटिक लेखक - दुश्यंत

'National Sanskrit Film Festival' - कालिदास हैं विश्व के सबसे रोमांटिक लेखक - दुश्यंत

जयपुर। राजस्थान संस्कृत अकादमी की ओर से आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित किए जा रहे अखिल भारतीय माघ महोत्सव के तहत जयपुर के रविवार को रिफ फिल्म क्लब के सहयोग से दो दिवसीय 'राष्ट्रीय संस्कृत फिल्म फेस्टिवल' में संस्कृत के श्रृंगार पक्ष को दिखाती फिल्म 'शाकुंतलम' ने उपस्थित दर्शकों का दिल जीत लिया।

राष्ट्रीय संस्कृत फिल्म फेस्टिवल के तहत दूसरे और अंतिम दिन की शुरुआत टॉक शो से हुई।' संस्कृत सिनेमा- भविष्य के साथ संवाद ' विषय पर शाकुंतलम फिल्म के निर्देशक दुश्यंत श्रीधर, भगवदज्जुकम फिल्म के निर्देशक यदु विजयकृष्णन, फिल्म समीक्षक चाल्र्स थॉमसन,अभिनेता शुभम सहरावत, फिल्म अभिनेत्री ज्वाला और युवराज भट्टराय ने ने चर्चा की। मंच पर राजस्थान संस्कृत अकादमी की अध्यक्ष डॉ. सरोज कोचर और रिफ फिल्म क्लब के फाउंडर सोमेन्द्र हर्ष भी मौजूद थे। फेस्टिवल का समापन संस्कृत में बनी फिल्म 'शाकुंतलम' की स्क्रीनिंग से हुआ।

यह भी पढ़ें - अभावों के डर से काम करना नहीं छोड़ सकते, 'संवाद प्रवाह' में बोले निर्देशक संदीप भट्टाचार्य


संस्कृत शिष्टाचार की भाषा- दुश्यंत श्रीधर

इस मौके पर दुश्यंत श्रीधर ने कहा कि अभिज्ञान शाकुंतलम कालिदास की संस्कृत की महान रचना है। इस पर कई भाषाओं में फिल्म बन चुकी हैं लेकिन मूल भाषा में कोई फिल्म नहीं थी, इसलिए मैंने संस्कृत में इसे बनाने का निर्णय लिया, कई चुनौतियां आईं लेकिन हम रुके नहीं। उन्होंने कहा कि संस्कृत सिर्फ सिद्धांत की भाषा नहीं है संस्कृत तो श्रृंगार काव्य है। शिष्टाचार की भाषा है लेकिन इसमें सभी रस हैं, जिन्हें सिनेमा के जरिए सामने लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम कहते हैं कि कालिदास भारत के शेक्सपियर हैं, लेकिन ये गलत है। शेक्सपियर यूरोप के कालिदास हैं । ये कहना अतिशयोक्ति नहीं है, कालिदास की अभिज्ञान शाकुंतलम विश्व की सबसे रोमांटिक रचना है। वहीं फिल्म में मुख्य किरदार निभाने वाले अभिनेता शुभम सहरावत ने इस अवसर पर संस्कृत में फिल्म के डायलॉग सुनाकर दर्शकों की तालियां बटोरी। इस अवसर पर फिल्म समीक्षक और अभिनेता चाल्र्स ने युवाओं को संबोधित किया।

यह भी पढ़ें - Bharangam- बिज्जी की कहानियां महिला स्वायत्ता की बात करती हैं- सीपी देवल


व्यंग्य नाटक पर आधारित फिल्म 'भगवदज्जुकम' के निर्देशक यदु विजयकृष्णन ने चर्चा के दौरान कहा कि संस्कृत सिनेमा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ऐसे फिल्म निर्मातों की जरूरत है जो, मुनाफे की चिंता किए बिना फिल्म बना सकें। टॉक शो के बाद फेस्टिवल के दूसरे दिन संस्कृत की इसरो के वैज्ञानिकों पर आधारित फिल्म 'यान'म की स्क्रीनिंग हुई। विनोद मंकर के निर्देशन में बनी फिल्म की कहानी मंगलयान मिशन के नाम से विख्यात भारत के ऐतिहासिक मार्स ऑर्बिटर मिशन की सफलता के इर्द-गिर्द घूमती है।