जयपुर। बीते कुछ सालों से स्पोट्र्स एक बेहतर कॅरियर के रूप में सामने आया है। अब तो कबड्डी जैसा देशज खेल भी शहरी बच्चों के बीच खूब लोकप्रिय हो रहा है। शहरों के स्कूल में क्रिकेट के बराबर ही लोकप्रिय हो रहा है कबड्डी। फिटनेस के लिए भी किसी न किसी स्पोट्र्स को जॉइन करने का चलन बढ़ा है, चलन तो हर उम्र के लोगों में बढ़ा है, पर न जाने क्या बात है कि खेलों को यूथ से जोडक़र ही देखा जाता है, जबकि कॉलोनी के पार्क में भी आप उम्रदराज लोगों को भी खेलते हुए देख सकते हैं। दरअसल खेल जोश और उससे भी ज्यादा होश से खेले जाते हैं। उम्र तो महज एक नंबर है, जो लोग हर उम्र में फिट रहना चाहते हैं, फिजिकली और मेंटली भी, वे खेल से हमेशा दोस्ती बनाए रखते हैं। उम्र के जिस भी मोड़ पर आप अकेले पड़ जाएं या कुछ भी अच्छा लगना बंद हो जाए, तब भी खेल से दोस्ती की जा सकती है।