
जयपुर। आज राष्ट्रीय पर्यटन दिवस है। राजधानी जयपुर भी पर्यटन के क्षेत्र में देश—दुनिया में अपनी अलग ही पहचान बनाए हुए है। यहां के महल और संग्रहालय को देखने के लिए देश—दुनिया से हर साल लाखों लोग पहुंचते है। उनकी खूबसूरती और ऐतिहासिक महत्व को देख हर कोई खिंचा चला आता है। बात करें पिछले 5 साल (2017 से 2022 तक) की तो राजधानी के प्रमुख पर्यटक स्थलों को देखने के लिए 2 करोड़, 10 लाख, 41 हजार, 299 सैलानी आए। पर्यटकों की यह संख्या जयपुर के प्रति दुनिया के लगाव को दर्शाती है।
हेरिटेज सिटी के महल—किलों व संग्रहालयों पर रोजाना बढ़ती पर्यटकों की भीड़ जयपुर को पर्यटन के मानचित्र में पहचान दिला रही है, वहीं प्रदेश का नाम भी रोशन हो रहा है। सवा 500 साल पुराने आमेर महल के प्रति लोगों की अधिक रुचि आज भी बनी हुई है, राजधानी में सबसे अधिक पर्यटक आमेर महल को देखने पहुंच रहे है। पिछले 5 सालों आमेर महल देखने के लिए सबसे अधिक 74 लाख, 11 हजार, 198 सैलानी पहुंचे। पर्यटकों की पसंद में दूसरे नंबर पर जतंर—मतंर बना हुआ है, जहां पिछले 5 सालों में 43 लाख, 49 हजार, 767 पर्यटक पहुंचे। वहीं तीसरे नंबर पर जयपुर की शान हवामहल बना हुआ है, साल 1799 में बने हवामहल में पांच सालों में 35 लाख 67 हजार 562 पर्यटक पहुंचे।
कहां कितने पर्यटक आए (वर्ष 2017 से 2022 तक)
संग्रहालय — पर्यटक
आमेर महल — 74 लाख, 11 हजार, 198
जतंर—मतंर — 43 लाख, 49 हजार, 767
हवामहल — 35 लाख, 67 हजार, 562
नाहरगढ़ — 30 लाख, 76 हजार, 353
अल्बर्ट हॉल — 26 लाख, 36 हजार, 419
खास—खास
— 1592 में आमेर महल का हुआ निर्माण
— 1734 में सवाई जयसिंह द्वितीय ने नाहरगढ़ किले का निर्माण करवाया
— 1734 में बना जतंर—मतंर, निर्माण 1728 में शुरू
— 1799 में बना हवामहल बना
— 1749 में जयपुर के बीच में ईसरलाट का निर्माण करवाया गया
— 1887 में अल्बर्ट हॉल का निर्माण हुआ
विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर को
पूरी दुनिया में विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर को मनाया जाता है, वहीं भारत का पर्यटन दिवस यानी राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 25 जनवरी को मनाया जाता है।
Published on:
25 Jan 2023 03:41 pm
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