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farmers loan- कर्ज माफी में राष्ट्रीयकृत बैंक करें मदद: गहलोत

Nationalized banks help farmers for loan मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीयकृत बैंकों के farmers loan की माफी के लिए एकमुश्त ऋण माफी योजना लाकर बैंकों को प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव को क्रियान्वित कर राष्ट्रीयकृत बैंक किसानों की कर्ज माफी में राज्य सरकार को अपेक्षित सहयोग करें।

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जयपुर

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Rahul Singh

Dec 27, 2021

jaipur

ashok gehlot

Cm अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने राष्ट्रीयकृत बैंकों के farmers loan की माफी के लिए एकमुश्त ऋण माफी योजना लाकर बैंकों को प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव को क्रियान्वित कर राष्ट्रीयकृत बैंक किसानों की कर्ज माफी में राज्य सरकार को अपेक्षित सहयोग करें।

गहलोत आज मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 151वीं बैठक तथा नाबार्ड की राजस्थान राज्य स्तरीय ऋण संगोष्ठी 2022-23 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा हाल ही में लाई गई एकमुश्त ऋण माफी योजना में एनपीए में वर्गीकृत कृषि ऋणों की माफी की गई है। जिसमें 90 प्रतिशत ऋण बैंक ने माफ किया है जबकि शेष 10 प्रतिशत कृषक ने दिया है। इसी योजना की तर्ज पर अन्य बैंक भी योजना लाकर गरीब किसानों को राहत दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसमें कृषक के हिस्से की 10 प्रतिशत राशि देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं बैंकों का मकसद किसानों को राहत देना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को राहत प्रदान करने एवं विकास की गति को बनाए रखने के लिए पिछले तीन वर्ष में राज्य सरकार द्वारा कई प्रयास किए गए हैं। सरकार बनते ही सबसे पहले हमने किसानों का ऋण माफी के आदेश जारी कर अब तक 14 हजार करोड़ का सहकारी बैंकों का कर्ज माफ किया गया जिसमें पिछली सरकार का भी 6 हजार करोड़ का कर्ज सम्मिलित है। राज्य सरकार की घोषणा के अनुसार 30 नवम्बर, 2018 को एनपीए घोषित Nationalized banks के कृषक खातों के कर्ज माफ किए जाने शेष हैं।

गहलोत ने कहा कि कोरोना काल के आर्थिक संकट में ग्रामीण क्षेत्र में नरेगा योजना ने लोगों को काफी संबल दिया। शहरी क्षेत्र में ऎसी योजना नहीं होने के कारण राज्य सरकार युवाओं को संबल प्रदान करने के लिए ‘इन्दिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड़ योजना’ लेकर आई। योजना के तहत युवाओं को रोजगार/स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए 50 हजार रूपए का ऋण बिना ब्याज का उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के साथ ही इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, स्वयं सहायता समूहों एवं अन्य योजनाओं से जुड़े लोगों को ऋण उपलब्ध कराने में बैंक आगे आकर सहयोग करें।