
जयपुर।
राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए की तरफ से उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू 12 जुलाई को जयपुर दौरे पर रहेंगी। वे यहां भाजपा सांसदों और विधायकों से मुलाक़ात करेंगी और समर्थन की अपील करेंगी। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने मुर्मू के आने की जानकारी एक परिपत्र के माध्यम से दी है।
भाजपा के सभी सांसदों और विधायकों के लिए जारी इस परिपत्र में कटारिया ने जानकारी दी है कि राष्ट्रपति पद की एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू 12 जुलाई को जयपुर आएँगी। उनका सभी सांसद और विधायकों से व्यक्तिगत मिलने का कार्यक्रम है।
कटारिया ने सभी भाजपा सांसदों और विधायकों से 12 जुलाई को सुबह 10 बजे तक जयपुर पहुँचने का आग्रह किया है। इसी दिन सांसदों-विधायकों की संयुक्त बैठक भी रखी गई है। बैठक का स्थान और समय अलग से अवगत करवाया जाएगा।
इधर, राष्ट्रपति पद के लिए यूपीए प्रत्याशी यशवंत सिन्हा का आज जयपुर दौरा होना था, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से उनका दौरा ऐन वक्त पर स्थगित हो गया। उनके दौरे को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने जयपुर स्थित होटल क्लार्क आमेर में शाम 7 बजे विधायक दल की बैठक भी बुलाई थी। लेकिन आखिरी समय में सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कार्यक्रम के तहत 18 जुलाई को मतदान होगा और 21 जुलाई को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
मुर्मू जीतीं तो रच देंगी इतिहास
राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू यदि चुनाव जीत जातीं हैं, तो वे देश की पहली आदिवासी होंगी जो देश के इस सर्वोच्च पद तक पहुंचेगी। दरअसल, द्रौपदी मुर्मू आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। ऐसे में उनका राष्ट्रपति बनना आजाद भारत के इतिहास में एक बड़ा कदम साबित होगा। हालांकि उनका यहां तक पहुंचना बहुत आसान नहीं रहा है। द्रौपदी मुर्मू के इस पड़ाव तक पहुंचने की पीछे उनके संघर्ष की कहानी भी रही है।
अपने दोनों बेटों को खो चुकी थीं द्रौपदी मुर्मू
बता दें कि आदिवासी नेता द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले के बैदापोसी गांव में एक आदिवासी संथाल परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम बिरंची नारायण टुडू है। द्रौपदी मुर्मू के जन्म के साथ ही उनके संघर्ष की कहानी भी शुरू हो गई। जानकारी के मुताबिक, द्रौपदी मुर्मू की शादी श्याम चरण मुर्मू से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे (दो बेटे और एक बेटी) हुए। लेकिन, द्रौपदी मुर्मू का व्यक्तिगत जीवन त्रासदियों से भरा रहा है और उन्होंने अपने पति व दोनो बेटों को खो दिया। उनकी बेटी इतिश्री की शादी गणेश हेम्ब्रम से हुई है।
पार्षद के रूप में राजनीतिक करियर शुरू किया
द्रौपदी मुर्मू ने अपने जीवन में बहुत कठनाइयों का सामना किया। लेकिन उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी और सभी बाधाओं को पार करते हुए उन्होंने भुवनेश्वर के रामादेवी महिला कॉलेज से आर्ट्स में ग्रैजुएशन की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्हें ओडिशा सरकार के सिंचाई और बिजली विभाग में एक जूनियर असिस्टेंट यानी कलर्क के रूप में नौकरी मिली। इसके बाद में, उन्होंने रायरंगपुर में श्री अरबिंदो इंटीग्रल एजुकेशन सेंटर में मानद सहायक शिक्षक के रूप में भी काम किया। हालांकि यहां के बाद से उनकी जिंदगी ने एक नया मोड़ लिया। द्रौपदी मुर्मू ने साल 1997 में ओडिशा के रायरंगपुर नगर पंचायत में एक पार्षद के रूप में अपना राजनीतिक करियर शुरू किया और फिर साल 2000 में वह ओडिशा सरकार में मंत्री बनीं।
Published on:
05 Jul 2022 11:30 am
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