
शाहपुरा (जयपुर)। देवभाषा संस्कृत से भावी पीढ़ी की दूरियां बढ़ती नजर आ रही हैं। सभी भाषाओं की जननी कहलाने वाली संस्कृत भाषा के विधालय विभाग व सरकार की उपेक्षा के शिकार हो रहे हैं। राज्य सरकार भले ही शिक्षा पर करोड़ों रुपए का बजट खर्च कर रही हो, लेकिन संस्कृत शिक्षा विभाग के बच्चों की पढ़ाई को लेकर कतई फिक्र नहीं है।
इससे बच्चों का भविष्य अंधकार की तरफ जा रहा है। मामला है शाहपुरा ब्लॉक के संस्कृत शिक्षा विधालयों का है। क्षेत्र के अधिकतर वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विधालयों (12वीं) में संस्कृत समेत अन्य मूल विषयों के प्राध्यापकों व सैकण्ड ग्रेड शिक्षकों के पद रिक्त हैं।
वर्तमान में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही है, लेकिन विद्यार्थियों का कहना है कि जब पढ़ा ही नहीं तो लिखेंगे क्या? सूत्रों के मुताबिक इसका मुख्य कारण संस्कृत शिक्षा विभाग में वर्ष 2005 बाद सैकण्ड ग्रेड और प्रथम श्रेणी के शिक्षकों की भर्ती नहीं होना है। यही कारण है कि संस्कृत विषय के अध्यापक के अलावा कई विधाललयों में सैकण्ड ग्रेड और तृतीय श्रेणी के अध्यापकों के पद खाली हैं।
सैकण्ड ग्रेड में गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषय के पद कई वर्ष से खाली हैं। शिवसिंहपुरा के वरिष्ठ उपाध्याय में 1995 से गणित व विज्ञान का अध्यापक नहीं है। खोरी विधालय में करीब 16 साल से गणित विषय का अध्यापक नहीं है। जबकि कालच्या के वरिष्ठ उपाध्याय विधालय में विज्ञान विषय को संस्कृत विषय का अध्यापक पढ़ा रहा है।
फैक्ट फाइल
वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विधालय शाहपुरा : प्रथम श्रेणी में मूल विषय व्याकरण शास्त्र, संस्कृत साहित्य, संस्कृत वाड्मय का पद खाली है। सैकण्ड ग्रेड में गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषयाध्यापक नहीं।
यह भी पढ़े:बजरी पर रोक लगने से सौन्दर्यकरण पर ब्रेक
वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विधालय खोरी : प्रथम श्रेणी में संस्कृत साहित्य, व्याकरण शास्त्र, संस्कृत वाड्मय और हिंदी विषय का पद खाली है। सैकण्ड ग्रेड में गणित और विज्ञान का विषयाध्यापक नहीं।
वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विधालय अमरसर : व्याकरण शास्त्र, संस्कृत वाड्मय, हिन्दी और अंग्रेजी का पद खाली है। सैकण्ड ग्रेड में गणित और विज्ञान विषयाध्यापक नहीं।
वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विधालय शिवसिंहपुरा : व्याकरण शास्त्र, संस्कृत वाड्मय का पद खाली है। सैकण्ड ग्रेड में विज्ञान और गणित विषयाध्यापक नहीं।
वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विधालय कालच्या : सैकण्ड ग्रेड में विज्ञान और गणित विषय का अध्यापक नहीं।
वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विधालय मनोहरपुर : सैकण्ड ग्रेड गणित विषय का अध्यापक नहीं है।
सता रही भविष्य की चिंता
कक्षा 10वीं के बाद विधार्थियों को मूल विषय का चयन कर आगे की पढ़ाई तय करनी पड़ती है। संस्कृत विधालयों में मूल विषय सभी संस्कृत से संबंधित होते हैं, लेकिन अधिकतर स्कूलों में विषयाध्यापक के पद ही खाली हैं। इससे बच्चों के सामने भविष्य की चिंता सता रही है।
Published on:
16 Dec 2017 11:19 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
