
जयपुर। लोक गायिका मैथिली ठाकुर बिहार के अलीनगर विधानसभा क्षेत्र विधायक हैं। बिहार विधानसभा में वह सबसे कम उम्र की विधायक हैं। उन्हें जनरेशन - Z का विधायक भी कहा जाता है। शनिवार को वे जयपुर में थी और रविवार को भी कई कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। जयपुर प्रवास के दौरान राजस्थान पत्रिका से बातचीत करते हुए उन्होंने अपनी कला के साथ-साथ राजनीति में एंट्री पर बातचीत की। महिलाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि अपने सपनों को कभी मारने मत दो, भय की जंजीरों को तोड़कर आगे बढ़ते रहो, एक दिन सफलता जरूर मिलेगी।
सवाल: गायकी और राजनीति दोनों सामंजस्य कैसे बैठा पाती हैं।
जवाब: गायकी मेरा संस्कार है। पूर्वजों और परिजनों से आशीर्वाद स्वरूप मिला है। लोक गीत, भक्ति संगीत और शास्त्रीय गायन को लोगों तक पहुंचाती हूं। वहीं, राजनीति में आने का मकसद लोगों की समस्याओं का समाधान करना है। मुझे खुशी है कि अब तक दोनों जिम्मेदारियों को भलीभांति निभा पा रही हूं।
सवाल : लोक गायिका से सीधे विधानसभा पहुंचने पर घबराहट हुई?
जवाब : शुरुआत के 15 से 20 दिन डर भी लगा और घबराहट भी हुई। फिर पढऩा शुरू किया। इसके बाद सबसे ज्यादा सवाल पूछने वाले विधायकों में शामिल भी हुई।
सवाल: आपके मुख्यमंत्री अब दिल्ली जा रहे हैं ? बिहार की राजनीति में क्या परिवर्तन आएगा।
जवाब: नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री रहकर बिहार को बनाने का काम किया है। उनके दिल्ली जाने से हम सभी आहत हैं, लेकिन जो जानकारी में आया है कि वे बिहार में सक्रिय बने रहेंगे।
सवाल: अलीनगर विधानसभा से भाजपा ने आपको प्रत्याशी बनाया, उस समय कैसे लगा?
जवाब: समझ ही नहीं आया था कि मेरे साथ हो क्या रहा है? पूरी जिंदगी 360 डिग्री घूम गई थी। परिजनों ने समझाया और पार्टी शीर्ष नेतृत्व का मार्गदर्शन रहा। यही वजह रही कि चुनाव में एक बार भी मुझे नहीं लगा कि मैं ये लड़ाई हार रही हूं।
सवाल: सोशल मीडिया ने आपको अलग पहचान दी है ?
जवाब: सीमित दायरे में रहकर उपयोग करेंगे तो फायदे खूब हैं। मैंने इसी के माध्यम से अपने संगीत और लोक गीतों को पहुंचाया है। अति तो हर चीज की बुरी होती है। वो बात यहां पर भी लागू होती है।
Published on:
08 Mar 2026 06:59 am
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