10 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Jaipur: SMS अस्पताल में खुला बड़ा खेल, नौकरी बचाने के लिए मेडिकल जांच में भेजा डमी कैंडिडेट

JVVNL Employee Fraud Case: जयपुर। भर्ती परीक्षाओं में डमी कैंडिडेट बैठाकर फर्जीवाड़े की खबरें तो सामने आती रही हैं लेकिन अब फर्जीवाड़ा करने वालों ने मेडिकल जांच में भी डमी कैंडिडेट बनाकर नौकरी हड़पने का खेल शुरू कर दिया है। ऐसा ही एक मामले में सवाई मानसिंह अस्पताल में मेडिकल जांच के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।

2 min read
Google source verification
सांकेतिक तस्वीर, मेटा एआइ

सांकेतिक तस्वीर, मेटा एआइ

JVVNL Employee Fraud Case: जयपुर। भर्ती परीक्षाओं में डमी कैंडिडेट बैठाकर फर्जीवाड़े की खबरें तो सामने आती रही हैं लेकिन अब फर्जीवाड़ा करने वालों ने मेडिकल जांच में भी डमी कैंडिडेट बनाकर नौकरी हड़पने का खेल शुरू कर दिया है। ऐसा ही एक मामले में सवाई मानसिंह अस्पताल में मेडिकल जांच के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।

जेवीवीएनएल कर्मचारी की निर्धारित बीईआरए और पीटीए जांच के लिए उसकी जगह एक अन्य व्यक्ति डमी कैंडिडेट बनकर पहुंच गया। दस्तावेजों की जांच में मामला पकड़ में आने के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर जांच स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को सौंप दी है।

यह है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) में कार्यरत कर्मचारी संदीप सैनी की बीईआरए और पीटीए जांच 6 मार्च को निर्धारित थी। जांच से पहले जब सवाई मानसिंह अस्पताल के ऑडियोलॉजी विंग में दस्तावेजों का सत्यापन किया गया तो संदेह पैदा हुआ। जांच में सामने आया कि संदीप सैनी की जगह अशोक सैनी नाम का व्यक्ति डमी कैंडिडेट बनकर मेडिकल जांच कराने पहुंचा था।

जनाधार कार्ड की जांच में खुला मामला

अस्पताल प्रशासन के अनुसार आधार और जनाधार कार्ड की जांच के दौरान पहचान को लेकर संदेह हुआ। इस पर जब संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की गई तो उसने स्वीकार कर लिया कि वह संदीप सैनी की जगह जांच कराने आया है। मामले की जानकारी तुरंत ईएनटी विभागाध्यक्ष द्वारा चिकित्सा अधीक्षक को दी गई। घटना को गंभीर मानते हुए अस्पताल प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट एसएमएस अस्पताल (पूर्व) थाना पुलिस को भेज दी।

एसओजी को सौंपी जांच

पुलिस ने प्रारंभिक जांच और रिपोर्ट के विश्लेषण में व्यापक स्तर पर धोखाधड़ी की आशंका जताई है। इसके बाद मामले को आगे की जांच के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को सौंप दिया गया है। बताया जा रहा है कि मामले की जांच में कई बड़े खुलासे होने की आशंका है।