
जयपुर। घोषित किए गए नए जिलों को स्वरूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए 15 नए जिलों में सोमवार को विशेषाधिकारी लगा दिए गए, जिनकी देखरेख में नए जिलों का ढ़ांचा खड़ा होगा।विशेषाधिकारियों की नियुक्ति के साथ ही दो माह से ठंडे बस्ते में पड़ी नए जिलों की घोषणा एक बार फिर चर्चा में आ गई है। कार्मिक विभाग की ओर से सोमवार को जारी आदेश के अनुसार राजेन्द्र विजय को बालोतरा, हरजी लाल अटल को सांचोर, नम्रता वृष्णि को कुचामन-डीडवाना, खजान सिंह को केकड़ी, शुभम चौधरी को कोटपूतली-बहरोड़, पूजा कुमारी पार्थ को नीमकाथाना, अंजली राजोरिया को गंगापुरसिटी, सीताराम जाट को अनूपगढ़, शरद मेहरा को डीग, डॉ. ओमप्रकाश बैरवा को खैरथल, जसमीत सिंह संधू को फलौदी, प्रताप सिंह को सलूंबर, डॉ. मंजू को शाहपुरा, रोहिताश्व सिंह तोमर को ब्यावर और अर्तिका शुक्ला को दूदू नवगठित जिले में विशेषाधिकारी लगाया गया है।
यह रहेगी इनकी जिम्मेदारीये अधिकारी नए जिलों के लिए गठित रामलुभाया कमेटी की सिफारिशों का परीक्षण कर नए जिलों का स्वरूप तय करने के लिए प्रस्ताव तैयार करेंगे। इन प्रस्तावों के आधार पर ही नए जिलों की ढांचागत व्यवस्थाओं के लिए अधिसूचनाएं जारी होंगी।
जयपुर और जोधपुर के नए जिलों पर मौनकार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश में जयपुर और जोधपुर को दो-दो हिस्सों में बांटकर बनाए गए नए जिलों के लिए कोई विशेषाधिकारी नहीं लगाया गया। इससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या स्थानीय विरोध के कारण फिलहाल इन दोनों जगहों को लेकर क्या सरकार ने चुप्पी साध ली है या सरकार के मन में कुछ और प्लान है।
यह रहेगी नए जिलों की प्रक्रियाविशेषाधिकारी राजस्व विभाग की देखरेख में रामलुभाया कमेटी की सिफारिश के आधार पर नए जिलों के लिए प्रस्ताव राजस्व मंडल को सौंपेंगे और इन प्रस्तावों के आधार पर ही नए जिलों का गठन होगा।
Published on:
16 May 2023 01:13 am
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