
जयपुर। परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और वाहन पंजीयन में निवास स्थान प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब राजस्थान में किसी भी आरटीओ, डीटीओ कार्यालय से लाइसेंस और वाहन का पंजीयन कराया जा सकता है। अब चालक अपने स्थायी पते के आधार पर प्रदेशभर के सभी 53 लाइसेंसिंग ऑथोरिटी ऑफिस में कहीं भी अपना लर्निंग-परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवा सकेंगे और अपने वाहनों का रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे।
इस संबंध में सोमवार को परिवहन आयुक्त राजेश यादव ने आदेश जारी किए हैं। यह प्रावधान संशाेधित माेटर व्हीकल एक्ट में है, जिसे सरकार ने अब लागू किया है। इससे गृह जिलों से बाहर रहकर बिजनेस, जॉब, पढ़ाई आदि काम करने वाले लोगों को राहत मिलेगी। किरायेदार स्थायी पते के दस्तावेज जमा कराकर डीएल बनवा सकेंगे। परिवहन नियम तोड़ने पर चालान की कॉपी चालक के स्थायी पते पर ही पहुंचेगी। किराए का घर खाली करने के बाद चालक को तलाशना नहीं पड़ेगा। अभी तक अस्थाई पता कानूनी तौर प्रमाणित करना पड़ता था और ऐसे में अमूमन मकान मालिक कानूनी उलझनों के चलते अस्थायी निवास प्रमाण-पत्र बनाने के लिए सहज तैयार ही नहीं होते थे।
किसी भी वाहन चालक को लाइसेंस व अन्य दस्तावेज के साथ रखने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। परिवहन विभाग ने एप की सुविधा मुहैया करवा दी है। डिजीलॉकर के माध्यम से सभी जरुरी कागजातों को सुरक्षित रखा जा सकेगा। केन्द्र सरकार ने डिजीटल लॉकर योजना शुरु की है। इसके इस्तेमाल से आपको ने सिर्फ कागजी दस्तावेज साथ रखने के झंझट से छूटकारा मिलेगा, बल्कि मूल दस्तावेज खोने या चोरी होने का डर भी नहीं रहेगा। इतना ही नहीं यहां रखे आपके ई-दस्तावेज पूरी तरह सुरक्षित भी रहेंगे। इस संबंध में परिवहन विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त ने हाल में सभी जिला परिवहन अधिकारियों को आदेश जारी कर इस एप को शुरु करने के निर्देश दिए है।
एप के माध्यम से लोग अपने जरूरी कागजात की डिजिटल कॉपी रख सकेंगे। इस योजना के बाद अगर डिजिटल लॉकर में अपनी गाड़ी की आरसी और अपना ड्राइविंग लाइसेंस रखा है, तो आपको इसकी हार्ड कॉपी लेकर चलने की जरुरत नहीं पड़ेगी। यातायात पुलिस के मांगने पर यही डिजिटल कॉपी मान्य होगी। डिजिटल लॉकर के लिए आधार कार्ड की जरुरत होगी। यह है डिजीलॉकर डिजीलॉकर एक तरह का वर्चुअल लॉकर है। डिजीलॉकर को डिजिटल इंडिया अभियान के तहत शुरू किया गया था। डिजीलॉकर खाता खोलने के लिए उपभोक्ताओं के पास आधार होना अनिवार्य है। इसमें देश के नागरिक पैन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट आदि के साथ कोई भी सरकारी प्रमाण पत्र स्टोर कर सकते है।
Published on:
05 Nov 2019 09:49 am
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