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अब भगवान के लगेगा पौषमाह में बड़े-हलवे का भोग

- 23 दिसंबर से पौषमाह की शुरुआत
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जयपुर

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Harshit Jain

Dec 15, 2018

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अब भगवान के लगेगा पौषमाह में बड़े-हलवे का भोग

जयपुर. तेज जाड़े के बीच पौष माह की शुरुआत कृष्ण प्रतिपदा को 23 दिसंबर से होगी। इस दौरान छोटी काशी के सभी मंदिरों में भगवान को बड़े और हलवे का भोग लगाया जाएगा। भक्त भी कड़कड़ाती सर्दी के बीच आस्था के साथ गरमा-गरम बड़े, बाजरे की खिचड़ी और देशी घी के हलवे की खुशबू के साथ इनका लुत्फ भी उठा सकेंगे। छोटे से लेकर बड़े धार्मिक स्थलों पर भक्तों को अलग-अलग दिनों में प्रसादी वितरित की जाएगी। मंदिरों में पौषबड़े वाले दिन भजन संध्या का दौर सुबह से शुरू होगा तो वहीं ध्वजाएं भी अर्पित होगी, भगवान का विशेष श्रृंगार किया जाएगा।
भक्त रामकथा और भागवत का श्रवण कर धर्मलाभ लेंगे। इस मास में शुभ कार्य तो वर्जित माने गए हैं लेकिन जप-तप और भगवान की कथा श्रवण करना पुण्यदायी माना गया है। यही कारण है कि पौष मास में होने वाले ओर मौसम परिवर्तन और ज्योतिषिय योगों के आधार पर नए साल में होने वाली बारिश का संभावित अनुमान लगाया जाता है। पं.राजकुमार चतुर्वेदी के मुताबिक पौष के हर रविवार को सूर्योदय से पहले जागना चाहिए। वहीं जल चढ़ाना पूजा अर्चना करनी चाहिए और ऊं आदित्याय नम: का जप करना चाहिए। इससे दैविक, शारीरिक और भौतिक तीनों कष्टों से छुटकारा मिल जाता है। वहीं बुद्धि सूर्य के प्रकाश की तरह प्रखर होती है। पौष का माह लगभग 21 जनवरी तक रहेगा।


पहले लगता था पुओं का भोग
पहले जहां पकौड़ी के साथ लापसी और पुओं का भोग लगाया जाता था, परंतु समय के साथ इसमें बदलाव भी देखने को मिलने लगे। अब पौष बड़े के आयोजन में विशेषकर दाल, बेसन से बनी पकौड़ी और सूजी या फिर मूंग और गाजर से बना हलवा तैयार कराया जाता है। पकवान बनने के बाद भगवान का भोग लगाया जाता है। जगह-जगह आयोजन के लिए व्यापार मंडलों और लोगों ने आपस में चंदा जुटाना शुरू कर दिया है। मानसरोवर, पत्रकार कॉलोनी, मालवीय नगर, दिल्ली रोड, परकोटे सहित कई अन्य स्थानों पर बड़े स्तर पर यह आयोजन होंगे।

हर मंगलवार, शनिवार को लगेगा भोग
खोले के हनुमान मंदिर में पूरे पौष के माह बड़े और हलवे का भोग भगवान को लगेगा। मंगलवार, शनिवार को सुबह पांच बजे से रात 11 बजे तक दोना प्रसादी भक्तों को वितरित की जाएगी। नरवर आश्रम सेवा समिति के महामंत्री बृजमोहन शर्मा ने बताया कि तकरीबन दोनों दिन 40000-50000 दोना प्रसादी भक्तों को वितरित होगी।