
इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स से जुड़ी बड़ी खबर, कॉलेजों को नया सिलेबस हुआ जारी
जयपुर. इंजीनियरिंग सेकंड ईयर में अब अकाउंटेंसी की पढ़ाई कराई जाएगी। स्टूडेंट्स को एक सेमेस्टर में टेक्नीकल कम्यूनिकेशन और एक सेमेस्टर में मैनेजेरियल इकोनॉमिक्स व फाइनेंशियल अकाउंटेंसी की पढ़ाई करनी होगी। स्टूडेंट्स थर्ड या फोर्थ सेमेस्टर के दौरान इसकी पढ़ाई करेंगे। राजस्थान टेक्नीकल यूनिवर्सिटी (आरटीयू) से जुड़े 100 से ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेजों को नया सिलेबस जारी कर दिया है। कॉलेज इस सेशन के लिए लंबे समय से सिलेबस का इंतजार कर रहे थे। नए सिलेबस की हर ब्रांच में जहां सब्जेक्ट्स का वेटेज कम किया गया है, वहीं कुल क्रेडिट्स को घटाकर 160 किया गया है। पहले इसे 200 क्रेडिट्स करने की तैयारी थी। आरटीयू का कहना है कि सैकंड ईयर में इकोनॉमिक्स और अकाउंटिंग की पढ़ाई कराने का उद्देश्य स्टूडेंट्स में मैनेजेरियल स्किल डवलप करने के साथ ही बेसिक डिमांड, सप्लाई आदि के बारे में नॉलेज प्रोवाइड करना है।
ऐसे होगी ट्रेनिंग
सेकंड ईयर में 15 दिन की ट्रेनिंग को अनिवार्य किया गया है। यह ट्रेनिंग सेशन की शुरुआत से ही कराई जानी है। ट्रेनिंग कॉलेज अपने यहां या फिर इंडस्ट्री में करा सकते हैं। इनसाइड ट्रेनिंग में आरटीयू ने कॉलेजों को सॉफ्ट स्किल डवलपमेंट, ऑटोकैड के प्रेक्टिकल, प्रजेंटेशन, गवर्नमेंट स्कीम्स के तहत स्टूडेंंट्स को आसपास के एरियाज में भेजकर यह ट्रेनिंग कराए जाने का सुझाव दिया है। कॉलेज स्टूडेंट्स के अलग-अलग ग्रुप्स बनाकर यह ट्रेनिंग करा सकते हैं। वहीं इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग के लिए स्टूडेंट्स को किसी इंडस्ट्री में भेजा जा सकता है।
21 दिन का इंडक्शन प्रोग्राम भी
ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्नीकल एजुकेशन (एआइसीटीई) ने देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में इसी सेशन से नए स्टूडेंट्स के लिए 21 दिन का इंडक्शन प्रोग्राम जरूरी किया है। आरटीयू ने इसमें थोड़ा बदलाव करते हुए 15 दिन रखा है। इसमें कॉलेजों को आठ प्रोग्राम्स के सुझाव दिए गए हैं। स्टूडेंट्स को इन 15 दिनों में फिजिकल एक्टिविटी (गेम्स, स्पोट्र्स ) क्रिएटिव आट्र्स ( पेंटिंग, म्यूजिक, डांस), यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज, लिटरेरी प्रोग्राम (प्ले, ड्रामा), इंग्लिश कम्यूनिकेशन, लैक्चर बाय एमिनेंट पीपल, विजिट टु लोकल एरियाज और फै मिलराजेशन टु ब्रांच एक्टिविटी को शामिल किया गया है। विवि के अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य कॉलेज के नए माहौल में स्टूडेंट्स को कम्फर्ट फील कराना है। जिससे स्टूडेंट्स की अंडरस्टेंडिंग बेहतर हो। इसके अलावा 20 स्टूडेंट्स पर एक फैकल्टी को मेंटर बनाना होगा। जिससे वे अपने कॉलेज की प्रॉब्लम शेयर कर सकें और फैकल्टी उन्हें मदद कर सकें।
Published on:
18 Jul 2018 12:16 pm
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