
राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र का कार्यकाल जल्द पूरा होने जा रहा है। जिसके बाद अब नए राज्यपाल के नाम को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाओं ने गति पकड़ ली है। कलराज मिश्र ने 9 सितम्बर, 2019 को राजस्थान के राज्यपाल का पदभार ग्रहण किया था। उनके कार्यकाल को संतुष्टिपूर्ण माना जा रहा है। अगले राज्यपाल के तौर पर फिलहाल पूर्व जनरल वीके का नाम सबसे आगे चल रहा है।
राजस्थान पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रदेश के नए राज्यपाल के तौर पर कलराज मिश्र ने कमान संभाली थी। उत्तर प्रदेश में 1990 के दशक में कल्याण सिंह और कलराज मिश्र की जोड़ी सुर्खियों में रही। पहली बार जून 1991 में जब कल्याण सिंह मुख्यमंत्री बने थे, उस समय कलराज मिश्र प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष थे।
वीके सिंह भारतीय सेना के थल सेनाध्यक्ष रहे। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत 2014 के लोकसभा चुनाव से की। पहली बार में उन्हें मोदी सरकार में उन्हें विदेश राज्य मंत्री का पद मिला। फिर 2019 में उन्होंने गाजियाबाद लोकसभा सीट से सांसद चुनाव जीता। जिसके बाद उन्हें सड़क और नगरिक उड्डयन राज्यमंत्री बनाया गया। जबकि इस बार उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था।
जब कल्याण सिंह 1997 में जब मुख्यमंत्री बने तो कलराज मिश्र उनके मंत्रिमंडल में लोक निर्माण, पर्यटन, चिकित्सा शिक्षा मंत्री बने। उत्तर प्रदेश में राममंदिर आंदोलन से लेकर समाजवादी पार्टी के खिलाफ मोर्चा लेने में ये दोनों आगे रहे। उत्तर प्रदेश में भाजपा संगठन को खड़ा करने में कलराज मिश्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वह 1991, 1993, 1995 और 2000 में भाजपा के चार बार प्रदेश अध्यक्ष रहे।
2014 में उत्तर प्रदेश की देवरिया लोकसभा सीट से सांसद बने और नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में सूक्ष्म, लघु और उद्यम मंत्री (एमएसएमई) बनाया गया। 75 साल की आयु पूरी होने के बाद मंत्री पद से 2017 में मिश्र ने इस्तीफा दे दिया था। 2019 के लोकसभा चुनाव में हरियाणा के प्रभारी बनाये गये। 16 जुलाई 2019 से वह हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के तौर पर सेवाएं दे रहे थे।
Updated on:
18 Jul 2024 02:54 pm
Published on:
18 Jul 2024 02:39 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
