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नाइट टूरिज्म से भरा पुरातत्व विभाग का खजाना

12 लाख 20 हजार पर्यटक आए नाइट टूरिज्म देखने

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Amber fort

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विभाग अब बना रहा है आगे की योजनाएं
जयपुर


राजधानी जयपुर में रात्रिकालीन पर्यटन यानी नाइट टूरिज्म ने पुरातत्व विभाग का खजाना भर दिया है। विभाग को नाइट टूरिज्म शुरू किए डेढ़ साल हुआ है और इस अवधि में पुरातत्व विभाग ने नाइट टूरिज्म से 12 करोड़ 20 लाख रुपए कमाए हैं। बीते डेढ़ साल में 12 लाख 20 हजार पर्यटक रात में आमेर महल, अल्बर्ट हॉल, हवामहल और विद्याधर का बाग सहित परकोटा की पुरा धरोहरों को देखने पहुंचे।
पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक हृदयेश शर्मा ने बताया कि जयपुर में नाइट टूरिज्म शुरू करने के बाद से अब तक कुल 12 लाख 20 हजार पर्यटक आकर्षित हुए हैं। इससे 12 करोड़ 20 लाख रुपए की आय हुई है। जबकि नाइट टूरिज्म शुरू करने के लिए 4 करोड़ 27 लाख रुपए खर्च किए गए थे। विभाग को डेढ़ साल में ही खर्च की गई राशि से 3 गुना ज्यादा कमाई हो चुकी है।
रात्रिकालीन पर्यटन में सबसे ज्यादा सैलानी आमेर बाय नाइट को मिले। शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक चलने वाले 'आमेर बाय नाइटÓ के जरिए विजिटर्स जलेब चैक, दीवान-ए-आम, मानसिंह महल और शीश महल का जीवंत सफर कर पाते हैं। रात्रिकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पूर्णिमा की रात आमेर महल के जलेब चौक और अल्बर्ट हॉल पर कथक प्रस्तुति होती है।

नाइट टूरिज्म से जुड़ेंगे परकोटे के मुख्य बाजार
नाइट टूरिज्म परियोजना में जयपुर की चारदीवारी की रोशनी भी शामिल है। इसमें चारदीवारी के प्रमुख बाजार चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार और जौहरी बाजार की फसाड इल्यूमिनेशन लाइटिंग शामिल है। परियोजना में सांगानेरी गेट, न्यू गेट, अजमेरी गेट, त्रिपोलिया गेट, चांदपोल गेट सहित सभी ऐतिहासिक दरवाजों को भी शामिल किया गया है, जिन पर थीम बेस्ड लाइटिंग की जाएगी।


कनेक्टिविटी हो तो बढ़ेगी कमाई
पुरातत्व विभाग ने आमेर महल में रात्रिकालीन पर्यटन तो शुरू कर दिया है। लेकिन इसके लिए आमेर तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी का अभाव है। रात 8 बजे के बाद आमेर के लिए कोई लो-फ्लोर या मिनी बस नहीं मिलती है। लोगों को निजी वाहन या फिर कैब से जाना पड़ता है, जोकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट से 10 गुना तक महंगा पड़ता है। यदि पब्लिक ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी बेहतर कर दी जाए, तो नाइट टूरिज्म में पर्यटकों की संख्या और कमाई दोगुनी से भी ज्यादा हो सकती है।

अब यहां नाइट टूरिज्म की तैयारी
विभाग आने वाले समय में नाहरगढ़ फोर्ट, हवामहल और जंतर-मंतर में भी नाइट टू?रिज्म शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है। नाहरगढ़ में नाइट टूरिज्म के लिए रोड लाइट्स और किले के अंदर लाइट्स लगाई जा चुकी हैं। इनके अलावा घाट की गुणी टनल और सिसोदिया रानी का बाग सहित अन्य स्थानों को भी नाइट टूरिज्म की दृष्टि से तैयार करवाया जा रहा है।