
राजस्थान के अजमेर में जुलाई 2024 में एक नाबालिग दलित बच्ची के साथ हुए सामूहिक बलात्कार के मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने राजस्थान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दलितों पर अत्याचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और पुलिस अपराधियों को गिरफ्तार करने के बजाय उन्हें 'शांति भंग' जैसी मामूली धाराओं में छोड़ रही है।
मामला अजमेर का है, जहाँ जुलाई 2024 में तीन दरिंदों ने 15 वर्षीय बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार किया। आरोपियों ने परिवार को जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने पर मजबूर किया। इस जघन्य अपराध का खुलासा तब हुआ जब बच्ची गर्भवती हो गई।
राजेंद्र पाल गौतम ने पुलिस की लापरवाही को उजागर करते हुए बताया कि मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता के बयान दर्ज होने के 8 महीने बाद तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ 16 मार्च को आया। 17 मार्च को पीड़िता का कोर्ट में बयान होना था, लेकिन उससे ठीक एक दिन पहले आरोपियों के परिवार ने समझौते का दबाव बनाया।
कांग्रेस नेता ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए भाजपा शासित राज्यों को घेरा। उन्होंने बताया कि:
कांग्रेस ने मांग की है कि पीड़ित परिवार को तुरंत सुरक्षा दी जाए और उन पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो जिन्होंने बलात्कार के आरोपियों को खुला छोड़ दिया। गौतम ने जोर देकर कहा कि पीड़िता को संरक्षण देना सरकार की जिम्मेदारी थी, लेकिन उसे बयान दर्ज कराने के लिए भी सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई।
Updated on:
05 Apr 2026 02:18 pm
Published on:
05 Apr 2026 02:09 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
