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महिला लेखन को बढ़ावा दे रही है नीलिमा टिक्कू

जयपुर की कथाकार नीलिमा टिक्कू पिछले तीन दशकों से कहानियां लिख रही हैं। नीलिमा टिक्कू की अब तक छह पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। नीलिमा टिक्कू की कहानियों में महिलाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दे प्रमुखता से सामने आते हैं। नीलिमा टिक्कू ने अपनी कहानियों के जरिए महिला मुद्दों को मजबूत आवाज दी है।

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Nilima Tikku

Nilima Tikku

नीलिमा टिक्कू महिलाओं पर होने वाले जुल्म के खिलाफ अपने लेखन से आवाज बुलंद करती हैं। नीलिमा टिक्कू की कहानियों की महिला पात्र असहाय नजर नहीं आती बल्कि वे अत्याचार के खिलाफ संघर्ष करती दिखाई देती है। वे संघर्षशील पात्रों को रचती हैं। इनकी कहानियों का ताना-बाना घर-परिवार, रिश्ते नाते आदि के इर्द-गिर्द घूमता नजर आता है।

नीलिमा टिक्कू की कहानियों में रूढिवादी समाज के खिलाफ गुस्सा नजर आता है। वे मानती हैं कि आज भी समाज में महिला को जो स्थान मिलना चाहिए, वह समाज दे नहीं पाया है। नीलिमा टिक्कू का पहला कहानी संग्रह रिश्तों की बगिया था जिसमें उन्होंने महिलाओं के सामने आने वाली परेशानियों और चुनौतियों को रेखांकित किया और महिलाओं को समस्याओं के खिलाफ उठ खड़े होने का आह्वान किया।

नीलिमा टिक्कू स्पंदन संस्था के जरिए महिला लेखन को बढ़ावा देने में भी जुटी हैं। ये लेखिकाओं को मजबूत मंच उपलब्ध कराती है और लेखन में उनको राह दिखाती है। स्पंदन से कई लेखिकाएं जुड़ी हैं। उनकी संस्था के जरिए कई महिलाओं ने अपनी लेखनी को दिशा दी है।