
जयपुर. आर्थिक हालात ठीक नहीं होने के कारण निरमा और पेट में पल रहा मासूम कुपोषण का शिकार हो सकता था। लेकिन उनकी जागरुकता तथा सरकारी मदद ने मां बेटे दोनों को निरोगी व स्वस्थ रखा। मामला अजमेर जिले में अरांई के झिंरोता गांव की निरमा देवी का है। जिनको आर्थिक स्थित कमजोर होने के कारण गर्भावस्था में पूरा पोषण नहीं मिल रहा था।
इस सम्बन्ध में निरमा व इनके परिजन काफी परेशान थे, इनको सरकार द्वारा संचालित किसी योजना की जानकारी भी नहीं थी। इसके बाद इनको आगंनबाड़ी योजना की जानकारी हुई। निरमा पत्नी प्रधान जाट दूसरी बार गर्भवती है। आर्थिक कमजोरी के कारण पारिवारिक माहौल तथा पोषण की कमी थी। जानकारी मिलने के बाद निरमा व इनका परिवार आगंनबाड़ी केन्द्र पर गया। उनके व विभागीय जागरुकताा की वजह से निरमा को मातृत्व पोषण योजना के बारे में जानकारी दी गई। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए इनके पति प्रधान जाट ने आवश्यक दस्तावेज पूरे किए।
आवेदन के बाद स्थानीय आगंनबाड़ी केन्द्र में जमा दस्तावेजों का सक्षम अधिकारी के स्तर पर सत्यापन किया गया। कुछ समय पश्चात उनके खाते में योजना की पहली एवं दूसरी किस्त जमा हो गई। इस राशि का उपयोग निरमा को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराने के लिए किया गया। वर्तमान में निरमा एवं उसका बच्चा स्वस्थ है।
Published on:
28 Mar 2023 11:53 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
