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कृष्णमृगों को शिफ्ट करने के लिए चिन्हित स्थानों पर कोई इको सेंसेटिव जोन नहीं बनेगा

चूरू के तालछापर अभयारण्य में कृष्णमृगों की बढ़ती संख्या के कारण इन्हें शिफ्ट करने के लिए चूरू, झुंझुनूं और नागौर जिले में तीन स्थानों का चिन्हीकरण किया गया है।

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जयपुर

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Rahul Singh

Feb 16, 2023

Villagers protest to save forest

Villagers protest to save forest

चूरू के तालछापर अभयारण्य में कृष्णमृगों की बढ़ती संख्या के कारण इन्हें शिफ्ट करने के लिए चूरू, झुंझुनूं और नागौर जिले में तीन स्थानों का चिन्हीकरण किया गया है। कृषि विपणन राज्यमंत्री मुरारीलाल मीणा ने गुरूवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि इन चिन्हित स्थानों में किसी भी स्थान पर इको सेंसेटिव जोन नहीं बनाया जाएगा।

कृषि विपणन राज्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायकों के सवालों के जवाब में अपनी बात रख रहे थे। उन्होंने कहा कि चिन्हित स्थानों का चयन विभाग ने पूरी तरह सर्वे के उपरान्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन स्थानों पर इको सेंसेटिव जोन होते हैं वहां अन्य गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है लेकिन वहां इको सेंसेटिव जोन नहीं बनाए जाने से चिन्हित स्थानों पर इसके आसपास आवासीय, औद्योगिक एवं खनन गतिविधियों पर अलग से कोई रोक नहीं रहेगी।

इससे पहले विधायक मनोज कुमार के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में कृषि विपणन राज्यमंत्री ने कहा कि तालछापर अभयारण्य से कृष्णमृगों की बढ़ती संख्या के कारण इनके स्थानांतरण के लिए लीलकी बीड जिला चूरू, बीड जिला झुंझुनूं तथा जसवंतगढ़ जिला नागौर का चिन्हीकरण किया गया है।