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सुविधा नहीं मिली तो प्लॉट बेच रहे लोग

अनन्तपुरा आवासीय योजना के तहत जिन लोगों को प्लॉट मिले वे सुविधाएं नहीं मिलने के कारण अब उसे बेच रहे हैं।

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विकास प्राधिकरण जहां एक ओर नई आवासीय योजना लाकर लोगों को लुभा रहा है वहीं दूसरी ओर पुरानी योजनाओं के विकसित नहीं होने से लोग नई योजनाओं में रुचि नहीं ले रहे हैं।
हाल यह है कि अनन्तपुरा आवासीय योजना के तहत जिन लोगों को प्लॉट मिले वे सुविधाएं नहीं मिलने के कारण अब उसे बेच रहे हैं। अनन्तपुरा के ढण्ड स्थित आवासीय योजना में मुआवजे के रूप में मिली जमीन पर अभी तक घर नहीं बस पाया है। किसानों को दी गई कॉलोनी में अभी तक मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कॉलोनी में दिखावे के लिए बिजली के तार लगा दिए गए थे, लेकिन समाजकंटक उसे भी तोड़ ले गए।
पानी-बिजली की सुविधा नहीं
ग्राम रिसाणी निवासी सुरज्ञान मीणा ने बताया कि यहां पर बिजली के तार तो लगाए गए थे, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण समाजकंटक इसे तोड़ ले गए। पेयजल के लिए बोरिंग भी करवाया हुआ है। पर बिजली और मोटर के अभाव में वह भी शो पीस बना पड़ा है।
मुआवजे के रूप में मिली थी जमीन
जानकारी के अनुसार, निवारू में फायरिंग रेंज के लिए जमीन अवाप्त की गई थी। जिन लोगों की जमीन ली गई थी उन्हें मुआवजे के तौर पर अनन्तपुरा आवासीय योजना में जमीन दी गई। जेडीए ने करीब 74 बीघा में यह कॉलोनी सृजित की थी, जिसमें प्रथम फेज में 674 प्लॉट हैं। इनमें मंदिर, स्कूल, पार्क, पीएचईडी, विद्युत निमग के लिए भी अलग से जमीन का आवंटन किया गया है।
सड़क की व्यवस्था नहीं
यहां पर जेडीए ने मोरम सड़क डालकर कर्तव्यों की इतिश्री कर ली, लेकिन अभी तक इसका डामरीकरण नहीं हुआ है। इससे पत्थर बाहर निकल गए हैं और हादसे को आमंत्रण दे रहे हैं।
समाजकंटकों की शरण स्थली
कॉलोनी में सुनसान क्षेत्र होने से यह समाजकंटकों की शरणस्थली बनी हुई है। शाम के समय शराबियों का डेरा जम जाता है। जेडीए की स्कीम में 20 प्रतिशत आबादी होने पर डामरीकरण व विकास किया जाता है।
सड़कों के डामरीकरण के लिए जेडीए में प्रस्ताव बनाकर वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
जीएल अग्रवाल, एक्सईएन, जेडीए जोन 12 बी


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