
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/उदयपुर. शादियों की कतार में लगे हुए लोगों को इस बार मई माह का इंतजार करना पड़ेगा। दरअसल, इस बार पूरे अप्रेल माह में शादी के मुहूर्त नहीं हैं। जबकि 15 मार्च से लगा खरमास 14 अप्रेल को समाप्त हो गया है लेकिन इसके बावजूद शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं हो सकेंगे। इसका कारण यह है कि इस बार गुरु अस्त हैं जो कि 27 अप्रेल के बाद ही उदय होंगे। ऐसे में मई माह से बैंड, बाजा, बारात का धूम-धड़ाका नजर आएगा। पं. जितेंद्र त्रिवेदी जोनी के अनुसार, विवाह जैसे मांगलिक काम के लिए खरमास न होने के साथ-साथ गुरु ग्रह का उदय होना बेहद जरूरी है। गुरु 28 अप्रेल को दोपहर 12.56 बजे उदय होंगे। इसके बाद से मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। इससे पूर्व आखातीज पर भी इसी कारण से विवाह मुहूर्त नहीं हैं। 1 मई से विवाह के मुहूर्त होंगे। इसके बाद जून में भी विवाह के शुभ मुहूर्त हैं।
जुलाई से अक्टूबर में भी विवाह मुहूर्त नहीं
पं. त्रिवेदी ने बताया कि इस साल जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर में भी विवाह मुहूर्त नहीं हैं। इसका कारण यह है कि 18 जुलाई से पुरुषोत्तम मास की शुरुआत हो जाएगी। इसका समापन 16 अगस्त को होगा। वहीं, देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार माह के लिए योग निद्रा में चले जाएंगे, जिसके कारण सभी शुभ व मांगलिक कार्य बंद हो जाते हैं। भगवान विष्णु दीपावली के बाद देवउठनी एकादशी के दिन योग निद्रा से जागते हैं। इस दिन के बाद से शुभ व मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाते हैं।
मई में विवाह मुहूर्त
1,6, 8, 9, 10, 11, 15, 16, 20, 21, 22, 27, 29 और 30
जून में विवाह मुहूर्त
1, 3, 5, 6, 7, 11, 12, 23, 24, 26 और 27
Published on:
16 Apr 2023 02:56 pm

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