
China City Shanghai separates Covid+ children from parents (PC: Reuters)
जयपुर
कोरोना की वैक्सीन ले चुके लोगों पर वैक्सीन लग से कोरोना का नया वेरिएंट असर नहीं करेगा। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना के नए वेरिएंट से अभी तीन से चार माह तक किसी प्रकार की कोई नई लहर आने की आशंका नहीं है।
हालांकि भारत में कोरोना के नए वेरिएंट के पहले दो केस सामने आए हैं। यह मरीज कोरोना के नए सब वेरिएंट ‘कापा’ और ‘एक्सई’ से संक्रमित पाए गए है। यह केस महाराष्ट्र में मिले हैं।
विदेश के कई देशों में बढ़ रहे कोरोना की केस के बाद भारत में भी कोरोना की लहर आने की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि नया वेरियंट ओमिक्रॉन व डेल्टा से मिलकर बना है। ओमिक्रॉन अब तक का सबसे तेजी से फैलने वाला कोरोना वैरिएंट बताया गया है, जबकि डेल्टा ने पिछले साल भारत सहित कई देशों में कहर बरपा चुका हैं।
भारत के लोगों में बन चुकी इम्यूनिटी
जब भारत में पहली और दूसरी लहराई तो अधिकतर लोगों ने डेल्टा और ओमीक्रोन वेब में सबको कोरोना होकर निकल गया। ऐसे में एक बार लगभग सबको कोरोना हो चुका है। किसी को इसके बारे में पता लगा या नहीं,लेकिन कोरोना के कारण यहां के लोगों की इम्युनिटी विकसित हो गई।
वहीं भारत विश्व के उन देशों में शामिल है, जहां इतनी अधिक जनसंख्या होने के बाद भी अधिकतर लोगों ने वैक्सीन लगवा ली हैं। ऐसे में राजस्थान भी देश का ऐसा राज्य है जहां पर वैक्सीनेशन हो चुका हैं। जयपुर में तो यह आंकड़ा 99% तक जा चुका है। इसलिए वैक्सीन ले चुके लोगों पर और इम्यूनिटी विकसित हो जाने के कारण आगामी 3 से 4 माह तक कोरोना की कोई नई वेब आने की आशंका नहीं है। हालांकि यह बात अलग है कि अगर यह वेरियंट अपना रूप बदल लेता है और कोई नए रूप में आता है तो वह चिकित्सक विशेषज्ञों के लिए रिसर्च की बात होगी।
लापरवाही नहीं बचाव जरूरी
चिकित्सकों का मानना है कि लापरवाही नहीं करें। बचाव रखें तो कोरोना से बचाव संभव है, इस तरह बचा जा सकता है नए वैरियंट से-
- मास्क लगाए,भीड़भाड़ से दूर रहे
-बंद जगह के स्थान पर वेंटिलेशन वाली जगहों का प्रयोग करें।
- सभी योग करें, प्राणायाम करें।
- वैक्सीन अवश्य लगवाएं।
- लाइफस्टाइल में हेल्थी भोजन, पौष्टिक और ताजा भोजन ले।
यह कहना विशेषज्ञों का-
आगामी दिनों में कोई लहर आने की आशंका नहीं है। जो नया वेरिएंट मिला है उसे हम झेल चुके हैं। इसलिए वैक्सीन लेने के कारण हम इस वेरियंट से बचे हुए है। लापरवाही नहीं कर वैक्सीन लगवाए और बंद जगहों से बचें तो यह वेरिएंट हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।
पद्मश्री डॉ.शशांक आर जोशी, सीनियर एंडोक्राइनोलॉजिस्ट ,लीलावती अस्पताल मुंबई
मुझे लगता है कि वैक्सीन लेने से हमारे ऊपर कोरोना का खतरा कम हुआ है। वैक्सीन कोरोना का बचाव है।
डॉ.सुधीर भंडारी, कुलपति, आरयूएचएस
Updated on:
11 Apr 2022 12:02 pm
Published on:
11 Apr 2022 11:09 am
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