
जयपुर। संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ अपनी शूटिंग के पहले दिन से ही विवादों से घिरी हुई। अब रिलीज डेट आने के बाद भी फिल्म की मुसीबतें टली नहीं हैं। फिल्म की रिलीज का कई समुदायों की तरफ से विरोध सामने आ रहा है। मीडिया के अनुसार अब राजस्थान के फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स ने ‘पद्मावती’ से जुड़े विवाद के सुलझने तक राज्य में फिल्म रिलीज करने से ही मना कर दिया है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री उमा भारती और गिरिराज सिंह भी इसका विरोध कर चुके हैं। वहीं गुजरात में भी फिल्म को लेकर विवाद छिड़ चुका है।
तेलंगाना के विधायक टी. राजा सिंह के साथ ही उज्जैन से भाजपा सांसद चिंतामणि मालवीय भी ‘पद्मावती’ के परदे पर उतरने से पहले इसके विरोध में उतर आए हैं।
गौरतलब है कि भाजपा विधायक और जयपुर के पूर्व राजघराने की सदस्य दीया कुमारी ने भी फिल्म में इतिहास के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ का विरोध किया है। दीया कुमारी ने ट्वीट किया कि रानी पद्मावती राजस्थान के बहादुरी और सम्मान की प्रतीक हैं और उनकी एवं महिलाओं के बलिदान को कमतर करने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
भाजपा सांसद के विवादित बोल
मध्य प्रदेश के एक बीजेपी सांसद और पार्टी के प्रवक्ता ने देश के फिल्मकारों को लेकर विवादित बयान दिया है। फेसबुक पोस्ट में उज्जैन के बीजेपी सांसद और प्रोफेसर चिंतामणि मालवीय ने कहा है, जिन फिल्मकारों के घरों की स्त्रियां रोज अपने शौहर बदलती हैं, वे क्या जानें जौहर क्या होता है? अभिव्यक्ति के नाम पर भंसाली की मानसिक विकृति सहन नहीं की जाएगी।
सांसद ने लिखा, हर भारतीय नारी की आदर्श रानी पद्मावती पर भारतीयों को गर्व है। उन्होंने अपने सतीत्व, देश और समाज की आन-बान-शान के लिए हजारों नारियों के साथ खुद को आग में झोंक दिया था। उसे तोड़-मरोडकऱ दिखाना वास्तव में इस देश का अपमान है।
मालवीय ने पोस्ट में लिखा, भंसाली जैसे लोगों को कोई और भाषा समझ नहीं आती। इन जैसे लोगों को सिर्फ जूते की भाषा ही समझ आती है। यह देश रानी पद्मावती का अपमान नहीं सहेगा। हम गौरवशाली इतिहास के साथ छेडख़ानी बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।
Updated on:
08 Nov 2017 02:14 pm
Published on:
08 Nov 2017 02:11 pm
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