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जयपुर

​गर्मियों की छुट्टियों में दुकान नहीं..ऑनलाइन बिजनेस कर रहे बच्चे

शहर में चलन..पिता के व्यवसाय को भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बढ़ा रहे जयपुर। गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों की ओर से लगाई जाने वाली छोटी-छोटी दुकानों ने अब ऑनलाइन बिजनेस का रूप ले लिया है। समय बदला तो अब बच्चे दुकान लगाने के बजाय ऑनलाइन बिजनेस कर रहे हैं। कई ऐसे भी हैं जो पिता के व्यवसाय को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ले आए हैं। इससे बच्चे एक ओर जहां आत्मनिर्भर हो रहे हैं वहीं, घर में सैकंड इनकम भी शुरू हो गई है।

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जैसे वैशाली नगर निवासी अशोक अग्रवाल कपड़े का व्यवसाय करते हैं। गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो गई हैं। ऐसे में बेटी अदिति ने पिता के व्यवसाय को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शुरू कर दिया है। अब अदिति पिता की शॉप पर मिलने वाली भगवान की पोशाक, साड़ी सहित महिलाओं के कपड़ों को ऑनलाइन बेच रही हैं।

 

घर की महिलाएं भी जुट रही व्यवसाय में
बच्चों की ओर से शुरू किए गए ऑनलाइन बिजनेस में अब घर की महिलाएं भी आगे आ रही हैं। बच्चों से सीख कर महिलाएं भी ऑनलाइन बिजनेस में रुचि दिखा रही हैं। इससे पति के साथ-साथ महिलाएं भी घर चलाने में योगदान दे रही हैं।

लागत नहीं और इनकम बढ़ी
बच्चों की ओर से शुरू किए गए इन बिजनेस को परिवार भी बढ़़ावा दे रहा है। कारण है कि कुछ परिवार अपने व्यवसाय को ही ऑनलाइन मोड पर चला रहे हैं। इस बिजनेस में अलग से लागत नहीं लग रही। दुकान की शॉप के ही प्रोडक्ट को ऑनलाइन पर बेचा जा रहा है। ऐसे में बिना लागत इनकम बढ़ रही है।

इस तरह के आइटम ऑनलाइन में बेच रहे बच्चे
-क्राफ्ट आइटम
– राजपूती पोशाक व अन्य
-गिफ्ट और टॉयज
-चूडिय़ां तथा आर्टिफिशियल ज्वैलरी
– साड़ी और सूट
– लेडीज चप्पल और सैंडल
– ब्लाउज

 

यह अच्छा कांसेप्ट है। सोशल मीडिया पर इसका प्रचार भी कर रही हूं। पिता के व्यवसाय को ऑनलाइन चला रही हूं। घर के अन्य सदस्य भी मदद कर रहे हैं।
अदिति अग्रवाल, वैशाली नगर


डिजिटल मार्केटिंग का जमाना आ गया है। बच्चों में आधुनिक तकनीक को समझा है। उसका वे फायदा उठा रहे हैं। पूरा परिवार इसमें जुट रहा है। कोरानाकाल के बाद इसका चलन बढा है। कई बिजनेस है जो सोशल मीडिया के जरिए बढ़े हैं। यह समाज और राज्य की इकोनॉमी के लिए अच्छा है। ऐसे बच्चों को डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स भी कराना चाहिए, ताकि उनकी प्रतिभा और आगे बढ़ सके।
स्निग्धा शर्मा, प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग