
Iconic amber project
जयपुर। राज्य सरकार (Rajasthan Goverment) 8 साल बाद भी सवाई मानसिंह टाउनहॉल (SMS Townhall) में प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय (International Musuem) पर कोई फैसला नहीं कर पाई है। प्रदेश में कांग्रेस (Congress) की सरकार बनने के एक साल बाद राजस्थान पुरातत्व विभाग (Rajasthan Archeology Department) निदेशक पीसी शर्मा को एसएमएस टाउनहॉल प्रोजेक्ट का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। अब पुरातत्व विभाग नोडल अधिकारी के तौर पर म्यूजियम प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की संभावनाएं तलाशेंगे।
गौरतलब है कि सवाई मानसिंह टाउनहॉल (पुरानी विधानसभा) में 45 करोड़ की लागत से अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय बनाने के लिए जर्मनी (Germany) की कंसल्टेंट फर्म मैसर्स लॉर्ड कल्चरल रिसॉर्सेज को काम सौंपा गया। यहां 2011—12 में अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय का काम शुरू भी करवा दिया गया। लेकिन प्रदेश में दिसम्बर 2013 में सत्ता परिवर्तन होने के बाद जनवरी 2014 में राज्य सरकार ने मौखिक आदेश से काम बंद करवा दिया था। तब से अब तक यहां काम ठप पड़ा है। जनवरी 2014 में जब काम रोका गया था, तब तक 17 करोड़ 54 लाख रूपए के कार्यादेश जारी किए जा चुके थे, इसमें से 9 करोड़ 62 लाख रूपए खर्च किए जा चुके थे। महालेखा एवं स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग ने यहां खर्च हुए 9 करोड़ 62 लाख रूपए के खर्च को निष्फल व्यय माना जा चुका है।
डालमिया ग्रुप को देने की थी तैयारी
जानकारी के अनुसार दिसम्बर 2018 में प्रदेश में सत्ता बदलते ही पुरानी विधानसभा (एसएमएस टाउनहॉल) में अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय का काम रूकने और आगे की योजना को लेकर कवायद शुरू हुई। 26 अगस्त 2019 को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रमुख सचिव कुलदीप रांका और पर्यटन, पुरातत्व एवं कला संस्कृति विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा ने पुरानी विधानसभा का दौरा कर यहां के हालात का जायजा लिया। इसके अगले दिन 27 अगस्त2019 को डालमिया भारत ग्रुप की हेरिटेज एंड इवेंट्स एडवाइजर अनिता थापर कठपालिया की अगुवाई में डालमिया ग्रुप की टीम आई। डालमिया ग्रुप की टीम ने सवाई मानसिंह टाउनहॉल भवन को देखा। साथ ही 2011—12 में 45 करोड़ रूपए की लागत से प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी जुटाई। लेकिन मामला उछलता देखकर राज्य सरकार ने कदम पीछे खींच लिए थे।
यहां थी राज्य विधानसभा
राजधानी जयपुर में हवामहल के पास स्थित सवाई मानसिंह टाउनहॉल बिल्डिंग में 1952 से लेकर अगले 5 दशक तक राजस्थान विधानसभा यहीं पर चली थी। इसलिए सवाई मानसिंह टाउनहॉल को पुरानी विधानसभा भी कहते हैं। विधानसभा का नया भवन बनने के बाद राज्य विधानसभा कार्यालय सवाई मानसिंह टाउनहॉल से शिफ्ट कर दिया गया। तब से ही यह बिल्डिंग सुनसान पड़ी है। जानकारी के अनुसार तत्कालीन महाराजा रामसिंह ने 1887 में टॉउनहॉल का निर्माण करवाया था। सर सैम्यूल स्विंटन जैकब ने टाउनहॉल भवन को डिजाइन किया था। और मीर तुजुमूल हुसैन ने सर जैकब को असिस्ट किया था। सवा सौ साल पुराना एसएमएस टॉउनहॉल राज्य की पहली विधानसभा गठन से लेकर 5 दशक तक प्रदेश की नीति निर्माण का केन्द्र रहा है।
Published on:
15 Jan 2020 12:45 pm
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