
राजधानी में उत्तरी रिंग रोड का काम अगले तीन माह में शुरू हो जाएगा। इतना ही नहीं, पिछले कई वर्ष से आगरा रोड पर अटकी क्लोवर लीफ का काम भी शुरू होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) रिंग रोड का काम करेगा। जमीन अधिग्रहण एनएचएआइ ने शुरू कर दिया है। इस परियोजना पर पांच हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे जिसकी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंजूरी दे दी है।
उत्तरी रिंग रोड आगरा रोड के बगराना से शुरू होकर दिल्ली रोड स्थित अचरोल तक जाएगी। वहां से सी-जोन बाइपास का भी रिंग रोड में उपयोग किया जाएगा। इससे भारी वाहन अजमेर रोड होते हुए रिंग रोड पर पहुंचेंगे।
उत्तरी रिंग रोड को लेकर पिछले कई वर्ष से केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच पत्राचार भी चला। रिंग रोड कौन बनाएगा? इसको लेकर भी कई बार एनएचएआइ और जेडीए अधिकारियों की बैठक हुई। इसके बाद तय हुआ कि जमीन अधिग्रहण से लेकर सड़क निर्माण का काम एनएचएआइ करेगा।
खर्च होंगे दो हजार करोड़ से ज्यादा
-इसमें दो हजार करोड़ रुपए से अधिक पैसा तो जमीन अधिग्रहण के बदले दिए जाने वाले मुआवजे में जाएगा। क्योंकि प्रोजेक्ट के लिए 375 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। इसमें से 262 हेक्टेयर जमीन तो निजी खातेदारों की है।
- इस रिंग रोड में 23 अंडरपास, एक फ्लाई ओवर, 1 क्लोवर लीफ और नौ मेजर ब्रिज बनाए जाना प्रस्तावित हैं।
-एक टोल प्लाजा बनाया जाएगा और चौंप, अचरोल, भानपुर कलां, जमवारामगढ़ और बगराना में प्रवेश और निकास द्वार बनाए जाएंगे।
दक्षिणी रिंग रोड...चल रहे वाहन
आगरा रोड से टोंक रोड होते हुए अजमेर रोड को जोड़ने वाली दक्षिणी रिंग रोड पर वाहन अभी चल रहे हैं। हालांकि, आगरा रोड की तरह अजमेर रोड पर भी अब तक क्लोवर लीफ का निर्माण नहीं हो पाया है। इस वजह से अजमेर रोड पर जब रिंग रोड से वाहन उतरते हैं तो जाम लग जाता है।
Published on:
13 Feb 2024 04:25 pm
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