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Rajasthan: अब शहरों में 100 दिन रोजगार गारंटी

शहरी बेरोजगारों को शहर में ही रोजगार देने की इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना को वित्त विभाग ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत 100 दिन का रोजगार मिलेगा। इसमें अकुशल श्रमिक को 259 रुपए, अर्द्धकुशल को 271, कुशल को 283 और उच्च कुशल श्रमिक को 333 रुपए न्यूनतम मजदूरी मिलेगी।

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जयपुर.

शहरी बेरोजगारों को शहर में ही रोजगार देने की इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना को वित्त विभाग ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत 100 दिन का रोजगार मिलेगा। इसमें अकुशल श्रमिक को 259 रुपए, अर्द्धकुशल को 271, कुशल को 283 और उच्च कुशल श्रमिक को 333 रुपए न्यूनतम मजदूरी मिलेगी।

योजना की शुरुआत एक माह के भीतर करने की तैयारी है। कार्य की उपलब्धता, श्रमिकों के नियोजन और मजदूरी भुगतान को लेकर शिकायत निस्तारण की समय सीमा भी तय कर दी गई है। संबंधित शहरी निकाय को 7 दिन और जिला कलक्टर को 10 दिन में शिकायत निस्तारण प्रक्रिया पूरी करनी होगी। स्वायत्त शासन विभाग ने भी पीएमओ को योजना का खाका फाइनल होने की जानकारी दे दी है।

राज्य स्तर के साथ-साथ संभाग स्तर पर और संबंधित शहरी निकाय के स्तर पर भी मॉनिटरिंग होगी।

संभाग स्तर की समिति के अध्यक्ष संभागीय आयुक्त होंगे

निकाय की समिति के अध्यक्ष आयुक्त, अधिशासी अधिकारी होंगे।

कलक्टरों को दी जिम्मेदारी

सरकार ने इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना को लेकर सभी जिला कलक्टर को अहम जिम्मेदारी दी है। इसके तहत योजना लॉन्चिंग से पहले की तैयारियों को लेकर पूरा काम करना होगा। स्वायत्त शासन सचिव जोगाराम ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। निकायों में योजना के तहत कार्यों का चयन करना, एक्शन प्लान व श्रम बजट बनाना, एक्शन प्लान और श्रम बजट को सक्षम समिति से अनुमोदित कराना, पात्र परिवारों को जॉब कार्ड जारी करना, ऐसे परिवारों की वार्डवार सूची बनाना, चयनित कार्यों को स्वीकृत कराना और निकायों में अलग से प्रकोष्ठ गठित करने सहित अन्य कार्य हैं।

समन्वय समिति बनेगी

स्वायत्त शासन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में समन्वय समिति गठित होगी। समिति में वित्त विभाग, आयोजना विभाग, जलदाय, नगरीय विकास, पीडब्ल्यूडी, कृषि व वन विभाग के अधिकारी होंगे।साथ ही रूडिसको के कार्यकारी निदेशक, आरयूआइडीपी के परियोजना निदेशक, स्थानीय निकाय निदेशालय के मुख्य अभियंता व वित्तीय सलाहकार भी शामिल होंगे।

नगरीय निकायों के काम ही इसमें शामिल

योजना में ज्यादातर प्रस्तावित कार्य वही हैं, जो स्थानीय निकाय (नगर निगम, परिषद व पालिका) करा रहे हैं। इसमें परम्परागत जलस्रोतों के रखरखाव से लेकर घर-घर कचरा संग्रहण, नाला सफाई, अवैध होर्डिंग-पोस्टर हटाने, लावारिस भटकते मवेशियों को पकड़ने सहित पर्यावरण संरक्षण के कई काम शामिल हैं।