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अब चेते ऊर्जा मंत्री कल्ला, केन्द्र व कोल इंडिया पर फोडा कोयला-बिजली संकट का ठीकरा

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अब चेते ऊर्जा मंत्री कल्ला, केन्द्र व कोल इंडिया पर फोडा कोयला-बिजली संकट का ठीकरा

अब चेते ऊर्जा मंत्री कल्ला, केन्द्र व कोल इंडिया पर फोडा कोयला-बिजली संकट का ठीकरा

जयपुर। कोयला कमी से प्रदेश में बिजली संकट गहराने के कई दिन बाद ऊर्जा मंत्री बी. डी. कल्ला पूरी तरह सक्रिय हुए हैं। उन्होंने मौजूद हालात का ठीकरा केन्द्र सरकार और उसके उपक्रम कोलइंडिया पर फोड़ दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के थर्मल पॉवर प्लांट्स में विद्युत उत्पादन में गिरावट बिजली का नहीं बल्कि कोयले का संकट है, जो केन्द्र सरकार के स्तर पर कोयले की आपूर्ति में कमी के कारण हुआ है। उन्होंने बयान जारी किया है कि कोल इंडिया की कम्पनियों का भुगतान बकाया होने की भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है, जबकि वास्तविकता में नेशनल कोलफिल्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) का कोई पैसा बकाया नहीं है। इसके बावजूद राज्य को अनुबंध के तहत अनुबंध के तहत कोयला दिया ही नहीं जा रहा।

प्रतिदिन 11.5 रैक कोयले की आपूर्ति का अनुबंध

कोल इंडिया की दो कंपनियों एनसीएल तथा एसईसीएल के साथ राजस्थान का प्रतिदिन 11.5 रैक कोयले की आपूर्ति का अनुबंध है, लेकिन खदानों में वर्षा का पानी भर जाने के कारण लम्बे समय से औसतन 5.38 रैक प्रतिदिन (1 अक्टूबर से 13 अक्टूबर) मिल रही है। ऐसे में थर्मल इकाईयों के लिए पूरा स्टॉक कैसे रखा जा सकता है।

कोल इंडिया की दोनों कंपनियों से इतनी मिली रैक
1 व 2 अक्टूबर— 4-4 रैक
3 अक्टूबर— 5 रैक
4 अक्टूबर— 6 रैक
5 अक्टूबर— 4 रैक
6 अक्टूबर— 7 रैक
7 अक्टूबर— 6 रैक
8 से 10 अक्टूबर— 5-5 रैक
11 अक्टूबर— 6 रैक
12 अक्टूबर— 7 रैक
13 अक्टूबर— 6 रैक