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अब सरकारी कॉलेज से डॉक्टर बनना हुआ और भी महंगा

17 गुना बढ़ाई एमबीबीएस फीस, आगामी सत्र से लागू

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अब सरकारी कॉलेज से डॉक्टर बनना हुआ और भी महंगा

जयपुर . पेट्रोल और डीजल से बढ़ रही महंगाई की मार के बीच अब सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई कर डॉक्टर बनना भी महंगा होने जा रहा है। राज्य सरकार ने आगामी सत्र से ही प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कोर्स की फीस लगभग 17 गुना बढ़ दी हैं, सरकार फीस 2000 से बढ़ाकर करीब 33 हजार रुपए करने जा रही है। इस बढ़ोत्तरी से इन कॉलेजों को पांच साल के एक कोर्स में ही करीब 33 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय होगी। वहीं प्रदेश में खुलने वाले पांच नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में तो फीस पुराने कॉलेजों से भी अधिक होगी। यहां सालाना फीस करीब 50 हजार रुपए वसूल की जाएगी। इन कॉलेजों में पांच साल के कोर्स में करीब ढाई लाख रुपए और पुराने कॉलेजों में करीब 1 लाख 60 हजार रुपए से अधिक वसूले जाएंगे। खास बात यह है कि हॉस्टल फीस इनके अतिरिक्त होगी।

इतनी सीटें प्रदेश में

- 1450 सीट पुराने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में
- 500 सीट नए खुलने वाले सरकारी मेडिकल कॉलेज में
- 1150 सीट निजी मेडिकल कॉलेजों में
- 3100 सीटें कुल
- 1450 सीटों पर बढ़ेगी फीस
- 500 सीटों पर पुरानों से अधिक फीस

पीजी में 15 फीसदी घटाए उत्तीर्णता अंक

राज्य सरकार ने मेडिकल पीजी कोर्स में दाखिले के लिए पीजी प्रवेश परीक्षा के लिए उत्तीर्णता का कायदा ही घटा दिया है। पहले सामान्य वर्ग के लिए 50 परसेंटाइल और उत्तीर्ण अंक 1200 में से 321 थे। वहीं अब यह परसेंटाइल घटाकर 35 और उत्तीर्ण अंक 262 कर दिए गए हैं। इसी तरह एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षित वर्ग के लिए पहले 40 परसेंटाइल और उत्तीर्ण अंक 1200 में से 281 थे, जिन्हें अब घटाकर 25 परसेंटाइल और उत्तीर्ण अंक 225 कर दिए गए हैं।

चिकित्सा शिक्षा के अतिरिक्त निदेशक (शैक्षणिक) सुरेशचंद सोनी ने कहा की के बढ़ी हुई फीस आगामी सत्र से वसूल की जाएगी। पिछले साल यह निर्णय ऐनवक्त पर कैंसिल कर दिया गया था। पीजी में पासिंग माक्र्स कम किए गए हैं।