
आवास आवंटन के बाद अब इस बात को लेकर खड़ा हुआ विवाद!
जयपुर. विधानसभा में पहले आवास आवंटन का मामला उलझा, अब विशेष सहायक लगाने का मामला उलझ गया है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल के एक आदेश ने विधानसभा उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, मुख्य सचेतक और उप सचेतक के यहां आरएएस अफसर लगाने पर ही प्रतिबंध लगा दिया है। अब सरकार तय करेगी कि आरएएस अफसर लगाने हैं या नहीं।
मेघवाल ने अपने समय में विधानसभा के कर्मचारियों की मांग पर कैडर के लिए निजी सहायक पद की मंजूरी के संबंध में सरकार को पत्र लिखा। सरकार ने कैडर का पद तो मंजूर कर लिया लेकिन नॉन कैडर पद (जिस पर आरएएस अफसर लग रहे थे) समाप्त कर दिया। इसके बाद नई सरकार बनी तो नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के यहां एक आरएएस अफसर की नियुक्ति कर दी गई।
हालांकि कटारिया ने अपने यहां ज्वाइन भी करा लिया लेकिन पूर्व अध्यक्ष के आदेश का हवाला देतेे हुए उनकी ज्वाइनिंग विवादों में उलझ गई। अब उपाध्यक्ष, मुख्य सचेतक और उप सचेतक के यहां विशेष सहायक के रूप में आरएएस अधिकारी को नहीं लगाया जा सका है। मामला ज्यादा उलझा तो अब सरकार के ध्यान में लाया गया है। अब सरकार को फैसला करना है कि विधानसभा उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, मुख्य सचेतक और उप सचेतक के यहां नॉन कैडर के पद स्वीकृत कर आरएएस अफसर लगाना है या नहीं।
कैडर-नॉन कैडर के विवाद ने उलझाया
सूत्रों के मुताबिक विधानसभा में कर्मचारियों की मांग थी कि मंत्रियों के यहां कैडर और नॉन कैडर के निजी सहायक लगते हैं, वैसे ही विधानसभा में नॉन कैडर के साथ कैडर पोस्ट भी दी जाए। पूर्व अध्यक्ष से राय के बाद तत्कालीन सरकार ने कैडर पोस्ट को तो मंजूरी दे दी लेकिन नॉन कैडर पोस्ट समाप्त कर दिया। इससे आरएएस अफसरों की नियुक्ति नहीं हो पा रही है।
वेतन की होगी दिक्कत
नेता प्रतिपक्ष कटारिया ने अपने यहां आरएएस अफसर को ज्वाइन तो करा लिया लेकिन विधानसभा में नॉन कैडर पद की मंजूरी नहीं मिलने से आरएएस अफसर का वेतन अटक जाएगा। अब विधानसभा ने सरकार से इस बारे में पत्र व्यवहार किया है और नॉन कैडर के पद संबंधी स्थिति साफ करने को कहा है।
अध्यक्ष को छोड़ किसी के पास नॉन कैडर का पद नहीं
तत्कालीन सरकार के समय निकले आदेश के मुताबिक विधानसभा अध्यक्ष को तो कैडर के साथ नॉन कैडर के निजी सहायक पद की मंजूरी दे दी गई थी। इसलिए उन्हें तो आरएएस लगाने का अधिकार मिल गया लेकिन अन्य के लिए यह मंजूरी नहीं दी गई।
Published on:
16 Feb 2019 10:12 am
