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JVVNL : फ्लैट के लिए बिजली कनेक्शन पड़ेगा महंगा, अब पानी सस्ता

JVVNL : बिल्डर ने कॉलोनियों के प्लॉट (व्यक्तिगत भूखंड) पर यदि फ्लैट बना दिए तो आपको बिजली कनेक्शन के लिए 25 रुपए प्रति वर्गफीट ज्यादा शुल्क देना होगा।

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JVVNL : बिल्डर ने कॉलोनियों के प्लॉट (व्यक्तिगत भूखंड) पर यदि फ्लैट बना दिए तो आपको बिजली कनेक्शन के लिए 25 रुपए प्रति वर्गफीट ज्यादा शुल्क देना होगा। फ्लैट का एरिया 1300 वर्गफीट है तो 32500 रुपए अतिरिक्त शुल्क देंगे तो ही कनेक्शन मिलेगा। यह पैसा भी फ्लैटधारक से लेंगे, जबकि निर्माण बिल्डर ने किया है।
जयपुर विद्युत वितरण निगम ने टीसीओएस (टर्म्स एंड कंडीशन फॉर सप्लाई ऑफ इलेक्ट्रिसिटी) संशोधन के आदेश में यह लागू कर दिया है। आर्थिक बोझ के दायरे में ऐसे लोग आएंगे, जिनके फ्लैट कॉलोनी के उस भूखंड पर बनाए गए हैं जिसे डिस्कॉम ने केवल एक यूनिट (जहां एक ही परिवार व्यक्तिगत मकान बनाकर रहता) माना था।

यह आएंगे दायरे में
यह उन कॉलोनियों में बनने वाले फ्लैट मालिकों पर लागू होगा, जहां 50 केवीए से कम विद्युत लोड इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है। इसलिए ज्यादातर मामलों में अधिकतर जी प्लस 3 (चार मंजिला) वाली फ्लैट इमारतें इसके दायरे में आएंगी, जहां छह से आठ फ्लैट हैं। हालांकि, कुछ जगह डिस्कॉम अभी तक बिना नियम ही इसकी वसूली करता रहा है।

सवाल: जनता पर बोझ, डवलपर-बिल्डर पर क्यों नहीं?
● बिल्डर जब निर्माण शुरू करता है तो डिस्कॉम उसे अस्थाई बिजली कनेक्शन जारी करता है। उसी समय बिल्डर से यह शुल्क क्यों नहीं ले रहे। जबकि, कनिष्ठ, सहायक व अधिशासी अभियंता को इसकी जानकारी होती है।

● डिस्कॉम कर्मचारियों ने आसान तरीका अपना रखा है। इसमें फ्लैट मालिक से शुल्क लेने में आसानी रहती है, क्योंकि उसे स्थाई कनेक्शन तभी जारी किया जाएगा जब वह अतिरिक्त शुल्क देगा।

● नगरीय निकाय, विकास प्राधिकरण, नगर विकास न्यास ऐसे बिल्डर व डवलपर पर एक्शन क्यों नहीं ले रहा। जबकि, उस एरिया में स्वीकृत लेआउट प्लान के विपरीत निर्माण की अनुमति ही नहीं है। इसके बावजूद व्यक्तिगत भूखंड पर फ्लैट कैसे बन रहे हैं।

इस तरह समझें: अतिरिक्त चार्ज का बोझ
● डिस्कॉम के अनुसार डवलपर या गृह निर्माण सोसायटी ने कॉलोनी में 50 आवासीय भूखंड सृजित किए। एक भूखंड यानी एक यूनिट, विद्युत भार की गणना 1000 वर्गफीट पर 1 किलोवाट मानकर वहां बिजली का इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया।

● अब कॉलोनी में उसी एक यूनिट वाले भूखंड पर फ्लैट बना दिए। ऐसे पांच भूखंड पर कुल 34 फ्लैट बना दिए, यानी जिन 5 भूखंड पर 5 कनेक्शन होते, अब वहीं 34 कनेक्शन देने होंगे। इससे विद्युत लोड बढ़ गया।

इसकी पूर्ति के लिए अतिरिक्त विद्युत इन्फ्रास्ट्रक्चर (ट्रांसफार्मर, बिजली लाइन) डवलप करना होगा। इसमें मोटी राशि खर्च होती है। पूर्व नियमानुसार ऐसे भूखंड पर यदि विद्युत भार 50केवीए (45किलोवाट) से कम गणना पाए जाने पर मात्र सामान्य राशि लेकर कनेक्शन जारी किए जाते रहे हैं।

बहुमंजिला इमारतों में पानी की राह आसान
जलदाय विभाग ने शुक्रवार को जयपुर समेत राज्य के सभी जिलों की बहुमंजिला इमारतों में जल कनेक्शन नीति की अधिसूचना जारी कर दी। जयपुर शहर में पांच सौ से ज्यादा बहुमंजिला इमारतों में रह रहे लाखों लोगों को बीसलपुर से पानी मिलने की राह आसान हो गई है। जलदाय मंत्री महेश जोशी ने बताया कि अब बहुमंजिला इमारत में जल कनेक्शन के लिए बिल्डर, विकासकर्ता व रेजीडेंट वेलफेयर एसो. आवेदन कर सकते हैं। इन इमारतों में जल कनेक्शन की दर पूरे राज्य में 25 रुपए प्रति वर्गफुट रखी गई है और एक इमारत के लिए एक कनेक्शन सिर्फ पेयजल के लिए जारी होगा। जारी नीति के मापदंडों को पूरा करने पर विकासकर्ता जल कनेक्शन की राशि में 5 से 20 % तक की छूट ले सकते हैं। कनेक्शन के लिए जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है। बिल्डर और विकासकर्ता को निकायों से पास नक्शा पेश करना होगा।