
जयपुर . अब प्रदेश के नए फैसले के बाद बहुत जल्द गांवों में भी आबादी के बीच अब सिनेमाहॉल, मॉल्स और होटल बनाने का रास्ता साफ़ हो गया है। इसके साथ ही चुनावी साल में सरकार ने ग्राम पंचायतों को आबादी भूमि से व्यावसायिक, औद्योगिक, संस्थनिक व अन्य श्रेणियों में भू उपयोग परिवर्तन के अधिकार देने का भी रास्ता साफ कर दिया है। सरकार के इन नियमों में यह स्पष्ट किया गया है कि जो भूमि राज्य सरकार या पंचायत द्वारा आबादी के उपयोज के लिए रियायती दरों पर आवंटित की गई थी ऐसी भूमि का भू उपयोग परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा। इसके साथ साथ सरकार ने पंचायतों को भू उपयोग परिवर्तन के अलावा आबादी भूमि में एक पट्टे को दो भागों में विभाजन और दो पट्टों के पुनर्गठन के अधिकार भी दिए हैं।
नहीं था प्रावधान
अब तक सिर्फ कृषि भूमि को अन्य श्रेणी में परिवर्तित करा व्यावसायिक गतिविधियां कर सकते थे। लेकिन यह अधिकार भी पंचायती राज के पास न होकर राजस्व विभाग के थे।
आसान नहीं होगी राह
इन नियमो के बारे में विस्तार से बताते हुए ग्रामीण विकास विभाग के सेवानिवृत्त अतिरिक्त मुख्य अभियंता आर.पी.चौधरी का इस बारे में कहना है कि इसके लिए यह स्पष्ट करना होगा कि गांवों में पिछले कई वर्ष से जो लोग छोटा-मोटा व्यापार या दुकान चला रहे हैं, उनका क्या होगा। साथी साथ उन्होंने बताया की रिकॉर्ड कीपिंग भी दूसरा बड़ा मुद्दा है। सबसे पहले सरकार को रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए मशक्कत करनी होगी।
तकनीकी शिक्षा के लिए नहीं लिया जाएगा शुल्क
अगर नियमों के अनुसार देखा जाए तो यदि कोई भूमि तकनीकी शिक्षा संस्थान के लिए भू उपयोग परिवर्तन कराएगा तो उससे शुल्क नहीं वसूला जाएगा। लेकिन इसके लिए भी तकनीकी शिक्षा विभाग की सिफारिश अनिवार्य होगी। अन्य श्रेणी से भूमि परिवर्तन के लिए सिर्फ आवेदन शुल्क ही देय होगा।
Published on:
02 Apr 2018 01:11 pm
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