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अब कोर्ट परिसर में मिलेगी कई तरह की सुविधाएं, जानें क्या-क्या…

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के 21 न्यायालय परिसरों में ई-सेवा केन्द्र स्थापित करने के लिए 40.32 लाख रूपए के वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दी है।

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अब कोर्ट परिसर में मिलेगी कई तरह की सुविधाएं

अब कोर्ट परिसर में मिलेगी कई तरह की सुविधाएं

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के 21 न्यायालय परिसरों में ई-सेवा केन्द्र स्थापित करने के लिए 40.32 लाख रूपए के वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दी है। सीएम के इस निर्णय से न्यायालय परिसरों में कम्प्यूटर, स्कैनर, इंटरनेट कनेक्शन व मानव संसाधन सहित विभिन्न कार्य हो सकेंगे।

यह केन्द्र अजमेर जिले के बिजयनगर, अलवर, मण्डावर (अलवर), चौहटन (बाड़मेर), तलेरा (बूंदी), सुजानगढ़ (चूरू), सांभर (जयपुर), विराटनगर (जयपुर), दूदू (जयपुर), पोकरण (जैसलमेर), जेजेबी न्यायालय (जैसलमेर), रानीवाडा (जालोर), झुंझुनूं, खेतड़ी, चिड़ावा (झुंझुनूं), ओसियां (जोधपुर), सोजत (पाली), राजसमंद, नाथद्वारा, राजसमंद जेजेबी व पारिवारिक न्यायालय परिसरों में स्थापित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि ई-सेवा केन्द्रों को स्थापित करना आम आदमी के न्याय तक पहुंचने के अधिकार हेतु एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

उल्लेखनीय है कि न्यायालय परिसरों में ई-सेवा केन्द्र स्थापित होने से आमजन को अपने वाद की स्थिति, सुनवाई की अगली तारीख, निर्णयों एवं आदेशों की प्रतियां प्राप्त करने, मामलों की ई-फाइलिंग, ई-स्टाम्प पेपर की ऑनलाइन खरीद, जेल में रिश्तेदारों से मुलाकात के लिए ई-मीटिंग की बुकिंग आदि में सहायता मिल सकेगी।