
Mines and Petroleum: माइंस विभाग ने सिलिकोसिस पीडि़तों के लिए दिए 200 करोड़
ऑयल इंडिया (Oil India) ने प्रदेश के जैसलमेर-बीकानेर (Jaiselmer) में पेट्रोलियम माइनिंग (Petrolium Mining) में रुचि दिखाई है। दोनों जिलों में करीब 67 वर्ग किलोमीटर में पेट्रोलियम माइनिंग लीज पर काम किया जा रहा है। इस संबंध में ऑयल इंडिया के सीएमडी ने प्रदेश के अधिकारियों से शुक्रवार को मुलाकात की। खान एवं पेट्रोलियम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राज्य में डिसकवर्ड स्मॉल फील्ड पॉलिसी के तहत जैसलमेर-बीकानेर के 67 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में पेट्रोल माइनिंग लीज के लिए ऑयल इंडिया के आवेदन पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि ऑयल इंडिया द्वारा राज्य में इस समय तनोट डांडेवाला और बागेवाला में भारी तेल और प्राकृतिक गैस का उत्पादन किया जा रहा है।
1.50 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में 4 पेट्रोलिफेरस बेसिन
राजस्थान में एक लाख 50 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में 4 पेट्रोलिफेरस बेसिन है। इनमें पीएमएल के तहत ऑयल इंडिया, ओएनजीसी को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की 11 लीज जारी है और इनके द्वारा उत्पादन किया जा रहा हैं। वहीं एक्सप्लोरशन लाइसेंस के तहत वेदांता, ओएनजीसी और ऑयल इंडिया द्वारा अन्वेषण कार्य किया जा रहा है।
बीकानेर, जैसलमेर और श्रीगंगानगर में तेल की तलाश
ऑयल इंडिया के सीएमडी रणजीत रथ ने बताया कि आयॅल इंडिया तनोट डांडेवाला क्षेत्र में प्रतिदिन .49 मिलियन क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस का उत्पादन कर रही है, बाघेवाला में 338 बैरल प्रतिदिन भारी तेल का उत्पादन हो रहा है। बीकानेर, जैसलमेर, श्रीगंगानगर में तेल व गैस की खोज का कार्य जारी है।
Published on:
15 Oct 2022 03:26 pm
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