
दूध जलेबी, पनीर पकोड़े के बाद अब राजधानी के चारों सरस पार्लर पर आइसक्रीम-मिल्क शेक, कॉफी का स्वाद भी नहीं मिलेगा। राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) की ओर से संचालित इन पार्लर पर डेयरी ने कच्चा माल व इनमें काम आने वाली सामग्री की सप्लाई पर रोक लगा दी है। साथ ही साफ-सफाई और सुरक्षा की जिम्मेदारी से भी हाथ खींच लिए हैं।
सूत्रों के अनुसार रोक के बाद आरसीडीएफ ने भी कर्मचारियों को कई काउंटर बंद करने के निर्देश दे दिए हैं। ये चारों पार्लर जेएलएन मार्ग, सचिवालय, हाईकोर्ट और विधान सभा परिसर में स्थित हैं। डेयरी ने आरसीडीएफ के महाप्रबंधक को पिछले माह पत्र लिखकर सूचना भी दी थी। लेकिन गंभीरता से नहीं लिया गया। अब इन पार्लरों पर कभी ताला लटक सकता है।
रोज 4-5 लाख की आय, लोकप्रिय, मगर सुध नहीं: चारों पार्लर शहर में काफी लोकप्रिय रहे हैं। दूध जलेबी पनीर पकोड़े, इडली डोसा, सांभर बड़ा, इडली सांभर, कॉफ़ी, आइसक्रीम, कुल्हड़ लस्सी, मिल्क शेक, सोफ्टी आदि से इनकी शुरुआत हुई थी। कई आयटम बंद होने के बावजूद इन पर रोज करीब 4-5 लाख रुपए की बिक्री होती है। डेयरी ने आइसक्रीम कोन, कुल्हड़, मिल्क शेक सीरप, कॉफी, चाय, चीनी आदि उपलब्ध कराने पर रोक लगा दी है, जिससे कई आयटम बंद होने तय हैं। इससे पहले दूध जलेबी, पनीर पकोड़े बंद किए जा चुके हैं।
स्टाफ की छंटनी शुरू : पार्लर में कार्यरत कर्मचारियों में छंटनी भी शुरू हो गई है। इससे जगह कर्मचारियों में गहरा रोष नजर आ रहा है। कर्मचारियों का कहना हैं कि लम्बे समय तक डेयरी में काम करने के बाद निकाले जाने से परिवार को चलाना मुश्किल हो जाएगा।
सवाल जवाब
पहले बताया, फिर बंद किया
डेयरी चेयरमैन ओमप्रकाश पूनिया
सीएमओयू के बाद जयपुर डेयरी सामग्री दे रही थी, अचानक बंद करने का कारण?
पूनिया: सरस पार्लर आरसीडीएफ को सौंपे तब हमसे कुछ समय मांगा था। हमने पहले पत्र देकर सूचित किया, फिर बंद किया है।
पार्लर बंद किए जा रहे हैं?
पूनिया: चारों पार्लर आरसीडीएफ के अधीन हैं। अब डेयरी की कोई भूमिका नहीं है।
सामग्री खत्म होने पर काउंटर बंद करने का कहा गया है?
पूनिया: ऐसी कोई जानकारी नहीं है। वे स्वयं सामग्री खरीद सकते हैं, इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। इसके अलावा कोई अन्य कारण हो तो मुझे इसकी जानकारी नहीं है।
नए तरीके से चलाएंगे
आरसीडीएफ की एमडी डॉ. वीना प्रधान
सीएमओयू के बाद भी जयपुर डेयरी सामग्री दे रही थी, अब बंद करने का कारण?
प्रधान: डेयरी पहले सामग्री दे रही थी, अब बंद कर दिया। इसका कोई कारण नहीं है। पार्लर की जिम्मेदारी आरसीडीएफ की है।
पार्लर बंद किए जा रहे हैं?
प्रधान: चारों पार्लर नए तरीके से चलाए जाएंगे। इसके लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है। अनुमति मिली तो कई बदलाव देखने को मिलेंगे।
सामग्री खत्म होने पर काउंटर बंद कर देंगे?
प्रधान: ऐसा कुछ नहीं है। सरकार के आदेश का इंतजार है। स्वीकृति नहीं मिलने पर बंद कर दिए जाएंगे।
Published on:
06 Feb 2019 01:39 pm
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