
अब फ्रंट लाइन वर्कर को देय परिलाभ की घोषणा करने की मांग
जयपुर, 24 अप्रेल
प्रदेश के आठ हजार से अधिक बंद पशु चिकित्सा संस्थान (Veterinary Institute) आज खुल गए। गृह विभाग (Home department)ने संशोधित गाइडलाइन जारी करते हुए पशुपालन विभाग (Animal husbandry) को आवश्यक सेवाओं में शामिल कर लिया है। पिछले पांच दिनों से प्रदेश के तकरीबन सभी आठ हजार पशु चिकित्सा संस्थान बंद पड़े थे क्योंकि राज्य सरकार ने पशु चिकित्सा सेवाओं को आवश्यक सेवाओं में शामिल नहीं किया था ऐसे में कार्मिक मांग कर रहे थे कि उन्हें आवश्यक सेवाओं में शामिल किया जाए। पशु पालन विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा था। गृह विभाग ने संशोधित आदेश जारी कर पशुपालन विभाग और उससे जुड़ी सेवाओं को आवश्यक सेवाओं में शामिल करने के आदेश शुक्रवार शाम जारी कर दिए। गौरतलब है कि पत्रिका ने 'विभाग को आवश्यक सेवाओं में शामिल किए जाने की मांग, वेटरनरी संस्थाओं में काम ठप्प', 'कार्मिकों और डॉक्टर्स ने किया काम बंद' अधिकारी कर रहे राजस्थान एपेडेमिक डिजीज एक्ट 2020 का उल्लंघन', 'फिर भी वेटरनरी संस्थान खोले जाने के लिए बनाया जा रहा दबाब' आदि खबरों के जरिए पशु चिकित्सा कार्मिकों की मांगों को प्रमुखता से उठाया था। पत्रिका में छपी खबरों के बाद विभागीय अधिकारियों ने गृह विभाग को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा था।
विभाग के कर्मचारी संघों ने उठाई मांग
गौरतलब है कि विभाग के कामिकों से जुड़े दो संघों राजस्थान पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ और राजस्थान पशु चिकित्सा तकनीकी कर्मचारी संघ ने इस संबंध में मांग उठाई थी। दोनों ही संघों ने इस आदेश को लेकर मुख्यमंत्री का आभार जताया है। राजस्थान पशु चिकित्सा कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय सैनी ने एकजुट होकर संघर्ष के लिए प्रदेश के पशु चिकित्सा कर्मियों को धन्यवाद देते हुए मांग की है कि विभाग से जुड़े सभी कार्मिकों को वैक्सीनेशन करवाया जाए और उन्हें फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में शामिल करे हुए सभी परिलाभ दिए जाएं। वहीं राजस्थान पशु चिकित्सा तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष बनवारी लाल बुनकर ने कहा कि विभाग को अनिवार्य सेवा में शामिल किया गया है लेकिन अभी कार्मिकों को कोविड वॉरियर्स के परिलाभ से वंचित रखा गया है। उन्होंने विभाग से मांग की कि स्वास्थ्य विभाग के कार्मिकों की तर्ज पर वित्त विभाग कार्मिकों को कोविड वॉरियर के परिलाभ दिलवाने के आदेश प्रसारित करें अन्यथा संघ को फिर से संस्थान बंद करने जैसे कदम उठाने होंगे।
गाइडलाइन की गई जारी
विभाग की ओर से जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक सभी पशुचिकित्सा संस्थाएं निर्धारित समय के मुताबिक खुलेंगी। सभी कार्मिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपना मुख्यालय नहीं छोड़े, कोई भी अपना मोबाइल स्विच ऑफ नहीं करेंगे। विभाग ने पशु चिकित्सा संस्थाओं, मोबाइल यूनिट के जरिए आयोजित किए जाने वाले पशुचिकित्सा शिविर, प्रशिक्षण शिविरों, प्रचार प्रसार कार्यक्रमों, गोष्ठियों, विभागीय बैठकों का आयोजन स्थगित कर दिया गया है।
Published on:
24 Apr 2021 05:31 pm
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